अंबेडकरनगर में सेवा प्रदाता कंपनियों का बड़ा फर्जीवाड़ा, कर्मचारियों के 5 करोड़ हड़पे
अंबेडकरनगर में दो सेवा प्रदाता कंपनियों, 'फ्रीडम' और 'गोयर टेक्नो इंफ्रा', पर कोविड काल के लगभग 150 दैनिक कर्मियों के 5 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
महेंद्र प्रताप सिंह, अंबेडकरनगर। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के अधीन कार्य कर रहीं दो सेवा प्रदाता कंपनियों, 'फ्रीडम' और 'गोयर टेक्नो इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ' के बड़े फर्जीवाड़े का पता चला है। इन कंपनियों पर कोविड काल में सेवाएं देने वाले करीब 150 दैनिक कर्मियों के मानदेय और ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) के करीब पांच करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है।
कर्मियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) के नेतृत्व में जांच समिति गठित कर दी है। शुरुआती जांच में गड़बड़ी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं, जिसके बाद कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने और प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है।
जांच के घेरे में कार्यालय के कुछ संदिग्ध लिपिक भी हैं, जो कथित तौर पर पत्रावलियों को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारियों ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि गोयर टेक्नो इंफ्रा ने अक्टूबर 2024 में समायोजन के नाम पर प्रति कर्मचारी नौ-नौ हजार रुपये काटे। वहीं, वर्ष 2023-24 में भी मानदेय से हर माह एक से दो हजार रुपये की कटौती की गई, लेकिन नौकरी जाने के डर से कर्मचारी चुप रहे।
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फ्रीडम कंपनी में भी इसी तरह की खामियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि हड़पी गई कुल रकम में 3.60 करोड़ रुपये ईपीएफ के और 1.70 करोड़ रुपये वेतन कटौती के शामिल हैं। शिकायत करने वालों में कृष्ण कुमार, विष्णु कुमार, सुरेंद्र कुमार, मंजू यादव, हरिओम द्विवेदी व अन्य शामिल हैं।
सीएमओ डा. संजय कुमार शैवाल के अनुसार, फ्रीडम और गोयर कंपनियों ने कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी की है, जिसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। मजबूत साक्ष्य मिलते ही तत्काल मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और बकाया धनराशि की वसूली होगी।
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