त्योहार पर ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी, ज्यादातर में लंबी वेटिंग; पायदान पर लटक कर सफर कर रहे यात्री
रक्षाबंधन के कारण अंबेडकरनगर की ट्रेनों में भारी भीड़ है, जिससे यात्रियों को पायदान पर खड़े होकर असुरक्षित यात्रा करनी पड़ रही है।

ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ और ट्रेन के दरवाजे पर बैठे यात्री
HighLights
रक्षाबंधन के कारण ट्रेनों में भारी भीड़, सीटें फुल।
यात्री पायदान पर खड़े होकर कर रहे असुरक्षित यात्रा।
लंबी वेटिंग लिस्ट, स्पेशल ट्रेनों की कमी से परेशानी।
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। रक्षाबंधन को लेकर अप-डाउन ट्रेनों में सीट को लेकर मारा-मारी मची है। ट्रेनों में भीड़ के चलते लोग पायदान पर खड़े होकर व बैठकर असुरक्षित सफर कर रहे हैं। इससे हादसा होने का खतरा भी बना है। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी तथा आरपीएफ के अधिकारी और जवान इन्हें रोकते-टोकते नहीं हैं।
लंबी दूरी की ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन गई है। पहली सितंबर तक लंबी वेटिंग का टिकट मिल रहा है। इसके कन्फर्म होने की संभावनाएं भी नहीं के बराबर हैं। आरक्षित टिकट के लिए यात्रियों को हर दिन कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है। अकबरपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 33 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं।
सियालदह एक्सप्रेस में पहली सितंबर तक वेटिंग का टिकट भी उपलब्ध नहीं हैं। दिल्ली जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस में 300 वेटिंग चल रही है। मुंबई अप-डाउन करने वाली साकेत एक्सप्रेस और दून एक्सप्रेस की वेटिंग फुल है। किसान एक्सप्रेस में 27 अगस्त तक वेटिंग चल रही है।
आरक्षित टिकट काउंटर पर लंबी लाइन
बुधवार की दोपहर बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफॉर्म संख्या दो पर फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन आने का इंतजार कर रहे थे। 12:10 पर ट्रेन के पहुंचते ही यात्री चढ़ने के लिए एक-दूसरे से धक्का-मुक्की करते व झगड़ते नजर आए।पहले से बोगियां भरी होने के कारण यात्रियों को सवार होना मुश्किल हो गया। कुछ यात्री ही बोगी में सवार हो सके। बोगी में सवार होने के लिए यात्रियों में नोकझोंक भी हो गई।
इस बीच जगह नहीं मिलने पर पायदान पर बैठकर यात्रियों ने सफर किया। इसी तरह पार्सलयान में भी यात्री बैठ गए। ट्रेन में सवार जौनपुर के संगम, कुलदीप ने बताया कि रक्षाबंधन पर घर आना जरूरी था रिजर्वेशन टिकट नहीं मिले, अनारक्षित टिकट लेकर गेट पर बैठकर सफर करते अकबरपुर ट्रेन स्टेशन पहुंची।
जलालपुर के महेश कुमार गाजियाबाद से ट्रेन के गेट पर बैठकर सफर की अंदर में बैठने के लिए जगह नहीं मिली। सीट का किराया देकर गेट पर सफर गेट पर बैठकर सफर कर रहे हैं। रेलवे विभाग द्वारा त्योहार पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाए तो यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकें। इस बीच आरपीएफ और जीआरपी के जवान निगहबानी बनाए रहे।
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चार मिनट ठहराव के बाद ट्रेन गंतव्य को रवाना हुई। आरक्षित टिकट काउंटर पर सुबह से लाइन लग रही है लाइन में लगने के बाद भी आरक्षण नहीं मिल पा रहा। अकबरपुर के सूरज मद्धेशिया, नवनीत कसौधन ने बताया कि मुंबई बहन के घर रक्षाबंधन पर जाना था लेकिन टिकट नहीं मिल पा रहा।
दून एक्सप्रेस दो घंटे, आनंद विहार टर्मिनल मऊ एक्सप्रेस एक घंटे, साबरमती एक्सप्रेस तीन घंटे, गंगा सतलज एक्सप्रेस एक घंटे, विलंब स्टेशन पर पहुंचे। ट्रेन के इंतजार में यात्री एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर भटकते नजर आए।
पायदान पर खड़े होकर व बैठकर सफर करने पर रोक है। यदि पकड़े जाते हैं तो जुर्माना लगाया जाता है। स्टेशन पर यात्रियों की नियमित चेकिंग के लिए जीआरपी को निर्देशित किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी तथा आरपीएफ के जवान ट्रेन आने पर तैनात रहते हैं।
विनोद कुमार, स्टेशन अधीक्षक
