इंटरव्यू देने आई दिव्यांग ने सवाल पर दागा सवाल... भावुक होकर पूछा- क्या मैं इंसान नहीं हूं?
बागपत में शिक्षिका पद के साक्षात्कार के दौरान एक दिव्यांग महिला ने अपनी योग्यता पर सवाल उठाए जाने पर भावुक होकर पूछा, 'क्या मैं इंसान नहीं हूं?' बीए, ...और पढ़ें
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इंटरव्यू देने आईं दिव्यांग ने पूछा... क्या मैं इंसान नहीं हूं? (जागरण)
जागरण संवाददाता, बागपत। शिक्षिका पद पर साक्षात्कार देने आईं दिव्यांग महिला ने सवाल सुनते ही सवाल दागा कि जहां जाती हूं वहां हर कोई पूछता है कि तुम कर पाओगी ये काम। क्या मैं इंसान नहीं हूं...। ये सुन अफसरों ने भरोसा दिया कि आप योग्य होंगी तो यहां अन्याय नहीं होगा।
विकास भवन के सभागार में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के लिए संविदा के आधार पर गणित तथा गृह विज्ञान विषय के एक-एक शिक्षक पद तथा एक लेखाकार व एक रसोइया के लिए सीडीओ राहुल वर्मा की अध्यक्षता में साक्षात्कार चला।
दिव्यांग महिला ने योग्यता पर सवाल पूछे
शिक्षक पद पर साक्षात्कार देने व्हील चेयर पर आईं दिव्यांग महिला ने योग्यता पर सवाल पूछे जाने पर जवाब दिया कि बीए और बीएड हूं। मेरी यूपी टैट व सी टैट परीक्षा क्लियर है।शिक्षक पद की नौकरी पाने के लिए वह 15-16 पब्लिक स्कूलों तथा सहायता प्राप्त स्कूलों में साक्षात्कार देने गईं। कई जगह उन्हें व्हीलचेयर पर आता देख अंदर साक्षात्कार तक के लिए नहीं बुलाया। घंटों इंतजार करने के बाद घर लौट जाती।
31 साल की हो गईं हूं...मुझे भी घर चलाना है। नौकरी नहीं मिल रही इसलिए पति की कमाई पर जिंदा हूं। साक्षात्कार देने जहां जातीं हूं वहीं पूछा जाता है कि क्या तुम ये काम कर पाओगी? लेकिन पूछाना चाहतीं हूं कि क्या मैं इंसान नहीं हूं...।
22 आवेदकों ने दिया साक्षात्कार
सीडीओ राहुल वर्मा और बीएसए समेत साक्षात्कार कमेटी में शामिल अफसरों ने दिव्यांग महिला अभ्यार्थी से कहा कि हिम्मत मत हारिए...यहां आप ही नहीं बल्कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा जो योग्य होगा उसी का चयन होगा। किस क्लास तक के बच्चों को सामने बैठकर पढ़ाना चाहिए और गृह विज्ञान व कलां में क्या अंतर है जैसे सवाल सुन कई अभ्यार्थियों का सिर चकरा गया। 22 आवेदकों ने साक्षात्कार दिया है।
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