शुभेंदु पीए हत्याकांड: मुकेश सिंह की पत्नी ने सीएम योगी से मांगी सुरक्षा, बताया- ज्ञानेंद्र सिंह से जान का खतरा
शुभेंदु पीए हत्याकांड में फरार आरोपी ज्ञानेंद्र सिंह से जान के खतरे के कारण मुकेश कुमार सिंह की पत्नी रीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक् ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, बलिया। शुभेंदु पीए हत्याकांड मामले में फरार जिले के बांसडीह रोड क्षेत्र के शीतल दवनी गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह अब तक सीबीआई के हाथ नहीं लग पाया है। वहीं दूसरी तरफ उसके ही गांव के रहने वाले मुकेश कुमार सिंह की पत्नी रीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
रीमा सिंह ने भेजे पत्रक में कहा है कि उसके परिवार को ज्ञानेंद्र सिंह से जान का खतरा है। उन्होंने सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। आरोप लगाया कि चार दिसंबर 2022 की दोपहर ज्ञानेंद्र समेत अन्य ने जमीन विवाद को लेकर करीब 30 राउंड फायरिंग कर जानलेवा हमला किया था। यह घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई थी।
घटना के बाद बांसडीह रोड थाने में ज्ञानेंद्र पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। ज्ञानेंद्र सिंह वही है जिसने बांसडीह रोड क्षेत्र के ही फुलवरिया निवासी जितेंद्र सिंह से 50 हजार में कार खरीदी थी।
इसके अलावा, इसी ने फेफना क्षेत्र के थम्मनपुर गांव निवासी नवीन सिंह को हथियारों से भरा बैग दिया था। इस मामले में नवीन सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीबीआई वारंट बी के आधार पर उसे कोलकाता ले जाने का प्रयास कर रही है। फिलहाल वह आयुध अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में मऊ जेल में बंद है।
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रीमा सिंह के अनुसार, बाद में स्थायी सुरक्षा की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। न्यायालय के आदेश पर पांच जून 2024 को जिलाधिकारी बलिया ने मुकेश कुमार सिंह को सरकारी गनर उपलब्ध कराया, लेकिन करीब दो महीने बाद बिना किसी पूर्व सूचना या कारण के सुरक्षा वापस ले ली गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि गांव का ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मन्नू एक कुख्यात शूटर है, जिसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में हत्या और जानलेवा हमले सहित 13 मुकदमे दर्ज हैं।
वर्तमान में इस प्रकरण का ट्रायल बलिया न्यायालय में चल रहा है। अगले चार जून को मामले में अगली सुनवाई होनी है। मुकदमे को प्रभावित करने के लिए आरोपित पक्ष द्वारा गवाहों को लगातार धमकाया जा रहा है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि मुख्य गवाह निशांत और प्रभात सिंह पर गवाही न देने का दबाव बनाते हुए मारपीट भी की गई, जिसका मुकदमा थाने में दर्ज है।
रीमा सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उनके पति को तत्काल पुनः सरकारी सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि किसी संभावित अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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