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    चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: बलिया से खरीदी गई थी हत्या में प्रयुक्त कार, इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर पहुंची CBI

    Updated: Thu, 21 May 2026 02:00 AM (IST)

    सीबीआई ने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में इस्तेमाल हुई कार का सुराग बलिया से लगाया है। जांच एजेंसी ने बांसडीह रोड क्षेत्र में कई स्थानों पर छापेमारी की, जहा ...और पढ़ें

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    बलिया से खरीदी गई थी कार।

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    जागरण संवाददाता, बलिया। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में जांच एजेंसियों को घटना में इस्तेमाल की गई सिल्वर रंग की निशान माइक्रा कार का सुराग बलिया जिले से मिला है। सीबीआई ने सोमवार व मंगलवार को दो दिनों में बांसडीह रोड क्षेत्र के तीन स्थानों पर छापेमारी की।

    सूत्रों के अनुसार हत्या में प्रयुक्त कार बांसडीह रोड क्षेत्र के फुलवरिया निवासी बालू व्यवसायी जितेंद्र सिंह की थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह कार घटना से पांच दिन पहले एक मई को उक्त क्षेत्र के ही शीतल दवनी गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु उर्फ अभिषेक को बेचा था।

    वहीं छह मई की रात बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की हत्या हुई थी। बंगाल पुलिस को मौके से एक कार मिली थी जिसका इंजन व चेसिस नंबर खुरचा गया था। प्रारंभ में तो यह कार सिलीगुड़ी के जेम्स विलियम्स के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही थी लेकिन सही से जांच के बाद इसकी आंच बलिया पहुंच गई।

    35000 के कार को 50000 में खरीदा

    एक दिन पहले सीबीआई के अधिकारियों ने जितेंद्र सिंह से उनके घर फुलवरिया पहुंचकर पूछताछ की। जितेंद्र ने बताया कि वर्ष 2025 में छठ पूजा के दौरान उन्होंने फुलवरिया निवासी दीपक के कहने पर इस कार को हुसैनाबाद गांव निवासी एक व्यक्ति से 35,000 में खरीदी थी। 30 अप्रैल को दीपक और ज्ञानेंद्र उर्फ मनु ने उनसे संपर्क किया।

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    मनु ने बताया कि वह बाहर रहता है, ऐसे में घर पर एक गाड़ी की जरूरत है। इस पर जितेंद्र ने मना कर दिया। इसके बाद दोनों एक मई को जितेंद्र के घर पहुंचे। जितेंद्र के बेटे सत्यम से मुलाकात कर 15,000 रुपये ज्यादा देने को कहा।

    सत्यम के कहने पर जितेंद्र ने एक मई को ही 35,000 की कार 50,000 में मोनू को बेच दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि निसान माइक्रा कार 16 साल पुरानी, 2010 माडल, हैचबैक श्रेणी की है। हालांकि जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी।

    ज्ञानेंद्र सिंह फरार, श्रीपुर गांव में भी छापेमारी

    हत्याकांड में प्रयुक्त कार व इससे जुड़े लोगों की निशानदेही पर सीबीआई ने बांसडीहरोड क्षेत्र के फुलवरिया के अलावा शीतल दवनी व श्रीपुर गांव में भी छापेमारी की। जितेंद्र सिंह से पूछताछ के बाद वह ज्ञानेंद्र सिंह के घर पहुंची लेकिन वह फरार मिला।

    पूछताछ के आधार पर ही टीम ने श्रीपुर गांव के युवक गोलू के घर पर भी छापेमारी की। फिलहाल पुलिस व अन्य अधिकारी इस संबंध में कुछ भी कहने से परहेज कर रहें हैं।

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