LIC रिफंड के नाम पर 31 लाख की ठगी, सेना में सेवा दे चुके अमिताभ बने ठगों के शिकार
भारतीय सेना के पूर्व जवान अमिताभ एलआईसी रिफंड के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गए। धोखेबाजों ने उनसे 31 लाख रुपये ठग लिए। धोखेबाजों ने रिफंड का वादा करके विभिन्न शुल्कों के नाम पर पैसे जमा करवाए। अमिताभ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और जांच जारी है।

यह घटना साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को दर्शाती है।
जागरण संवाददाता, बलिया। सिकंदरपुर क्षेत्र के पंदह गांव निवासी अमिताभ प्रसाद को एलआइसी रिफंड दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 31 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। सेना में सेवा दे चुके अमिताभ प्रसाद ने मंगलवार को सिकंदरपुर थाने में तहरीर देकर दो मोबाइल नंबरों और सात बैंक खातों के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ठगों ने फोन करके दिया रिफंड का झांसा
पीड़ित अमिताभ प्रसाद ने बताया कि उनका खाता एसबीआइ, सिकंदरपुर शाखा में है। कुछ दिनों से उनके मोबाइल पर दो अलग-अलग नंबरों से लगातार काल आ रही थीं। काल करने वालों ने खुद को एलआइसी आफिस का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके नाम पर डेढ़ लाख रुपये से अधिक का रिफंड स्वीकृत हुआ है। रिफंड प्राप्त करने के लिए पहले प्रोसेसिंग और अन्य शुल्क के नाम पर पैसा जमा कराना होगा। कालर ने अपना नाम विवेक चौहान बताया।
कहा कि सीनियर हेड भाटिया से बात हो गई है, आपको रिफंड भेजना है। कालर ने धमकी दी कि यदि पैसा तुरंत नहीं भेजा गया तो रिफंड रोक लिया जाएगा। उनकी बातों के झांसे में आकर पीड़ित ने 19 बार में कुल 31,00,900 रुपये सात अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिए। पीड़ित अमिताभ ने बताया कि रिफंड के चक्कर में जब पैसा फंस गया तो उन्होंने दोबारा काल किया। इसके बाद भी ठगों ने फिर तीन से चार लाख रुपये और भेजने की बात कही। इसी पर उन्हें शक हुआ और एहसास हुआ कि वह बड़े साइबर फ्राड के शिकार हो चुके हैं।
दो बार सेना में कर चुके हैं सेवा
अमिताभ प्रसाद ने बताया कि वह सेना में 17 वर्ष तक नायक (टीएस) पद पर सेवाएं देने के बाद 2006 में सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन्होंने सीडीएस में पुनः सेवा ज्वाइन कर 15 वर्ष तक कार्य किया और जून 2025 में दूसरी बार सेवानिवृत्ति के बाद घर लौटे थे।
उन्होंने बताया कि बच्चों की शादी के लिए जीवनभर की जमा पूंजी ठगी में खोने से वह बेहद परेशान हो गए हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक सिकंदरपुर मूलचंद चौरसिया ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ठगी में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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