Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बल‍िया में प‍िता की मौत का सदमा नहीं सका सके पुत्र ने भी तोड़ द‍िया दम

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 03:57 PM (IST)

    बलिया के बरौली गाँव में एक हृदयविदारक घटना हुई। क्षय रोग से पीड़ित दूधनाथ की मृत्यु के बाद, उनके पुत्र वीरेन्द्र सदमे में चले गए और उनकी भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। पिता की मौत का सदमा पुत्र सहन नहीं कर पाया। इस घटना से पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है।

    Hero Image

    प‍िता की मौत का सदमा नहीं सह सके पुत्र ने भी दम तोड़ द‍िया।

    जागरण संवाददाता, नगरा (बलिया)। ब्लाक क्षेत्र के बरौली ग्राम पंचायत में रहने वाले दूधनाथ की मृत्यु के सदमे को उनके पुत्र वीरेन्द्र सहन नहीं कर सके, जिसके परिणामस्वरूप उनकी भी मौत हार्ट अटैक से हो गई।

    दूधनाथ बंसफोर क्षय रोग से ग्रसित थे और उनका इलाज सरकारी स्तर पर चल रहा था। लगभग 55 वर्षीय दूधनाथ की मौत की सूचना मिलते ही उनका सबसे छोटा बेटा बीरेन्द्र गहरे सदमे में चला गया। 35 वर्षीय बीरेन्द्र इस सदमे को सहन नहीं कर सके और उनकी भी मृत्यु हो गई।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बरौली में बांसफोर बिरादरी के लोग निवास करते हैं। शुक्रवार की शाम को दो वर्षों से बीमारी से ग्रसित दूधनाथ का निधन हो गया। पिता के उपचार के लिए बीरेन्द्र ने जी-जान से प्रयास किए, लेकिन पिता की मृत्यु का सदमा सहन नहीं कर सके। दोनों पिता-पुत्र की शव यात्रा में गाँव के सैकड़ों लोग शामिल हुए।

    गाँव वालों ने सरयू किनारे दोहरीघाट पर अंतिम संस्कार किया। दूधनाथ के दूसरे पुत्र राजेन्द्र ने बताया कि कमजोरी और गरीबी के कारण वे मजदूरी करके पिता का उपचार करा रहे थे। बीरेन्द्र ने पिता को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, किंतु अंततः पिता की मृत्यु का सदमा सहन नहीं कर सके और उनकी भी मृत्यु हो गई।

    इस घटना से गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। महिलाओं के करुण क्रंदन से हर किसी की आँखें नम हो गईं। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे गाँव के लिए एक गहरा आघात है।