बलरामपुर पर नहीं पड़ेगा नेपाल की तबाही का असर, खतरे के निशान से नीचे बह रही राप्ती; अलर्ट पर 32 बाढ़ चौकियां
नेपाल में भारी बारिश और ग्लेशियर झील फटने के बावजूद बलरामपुर जिले पर कोई असर नहीं पड़ेगा, प्रशासन ने स्थिति ...और पढ़ें
-1787758668901_m.webp)
प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
बलरामपुर पर नेपाल की बाढ़ का कोई खतरा नहीं।
राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.95 मीटर नीचे।
जिले में 32 बाढ़ चौकियां और टीमें अलर्ट पर।
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। नेपाल के चीन-तिब्बत सीमा से सटे रसुवा जिले में भारी बारिश और ग्लेशियर झील फटने से नारायणी और कोसी नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है। हालांकि इसका बलरामपुर जिले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बताया कि नारायणी और कोसी के जलस्तर में वृद्धि का असर मुख्य रूप से बिहार के क्षेत्रों में पड़ने की संभावना है। बलरामपुर से इन नदियों का सीधा संबंध नहीं है। राप्ती नदी का जलस्तर पूरी तरह नियंत्रण में है। बुधवार शाम छह बजे तक राप्ती का जलस्तर 102.670 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर और खतरे का निशान 104.620 मीटर है।
इस तरह राप्ती अभी खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर नीचे बह रही है। कहा कि प्रशासन द्वारा नदी के जलस्तर, तटबंधों और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। जनपद में कहीं भी बाढ़, विस्थापन या आपात स्थिति नहीं है।
किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पहले से ही व्यापक इंतजाम कर रखे हैं। जनपद में 32 बाढ़ चौकियां, 19 बाढ़ शरणालय, 32 मेडिकल टीमें और 19 पशु शिविर तैयार हैं। सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। राहत और बचाव दलों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
