बांदा में मूक-बधिर बच्ची से हैवानियत: जेल से बाहर आए अपराधी ने पहले किया अगवा, फिर घर ले जाकर की दरिंदगी
बांदा के बबेरू क्षेत्र में जमानत पर छूटे आजीवन कारावास के सजायाफ्ता तोप सिंह ने एक 13 वर्षीय मूक-बधिर किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म किया। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, जागरण, बांदा। आजीवन कारावास की सजा के बाद जमानत पर चल रहे सजायाफ्ता ने मूक बधिर किशोरी का अपहरण करने बाद बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। स्वजन के विरोध करने पर आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।
पीड़िता की मां ने कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस फरार आरोपित को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। पुलिस ने ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 13 वर्षीय दिव्यांग किशोरी को बुधवार शाम छह बजे आजीवन कारावास का सजायाफ्ता पड़ोसी 42 वर्षीय तोप सिंह उर्फ रावेंद्र सिंह डरा धमकाकर अपने घर ले गया। जहां उसने एक कमरे में किशोरी को बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया।
इधर जब किशोरी काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो मां और अन्य स्वजन ने उसे खोजना शुरू किया। इसमें मोहल्ले वासियों से उन्हें जानकारी हुई कि दिव्यांग किशोरी को तोप सिंह पकड़कर अपने घर की ओर ले गया है। इसके बाद स्वजन व पीड़िता की मां उसके पास गई तो उसने दरवाजा नहीं खोला।
तोप सिंह के स्वजन ने कहा कि यहां कोई किशोरी नहीं है। इसी बीच स्वजन व उसकी मां पुलिस चौकी गई और वहां पूरे मामले की जानकारी दी। इसी बीच आरोपित किशोरी को जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया। कहा कि किसी ने कुछ कहा तो जान से मार दूंगा।
बाद में आरोपित मौके से फरार हो गया। सीओ सौरभ सिंह व कोतवाली प्रभारी राजेंद्र कुमार राजावत गांव से पीड़िता व उसकी मां को कोतवाली लेकर गए। सीओ ने बताया कि मां की तहरीर पर अपहरण के बाद बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मुकदमा आरोपित के विरुद्ध दर्ज किया गया है।
पहले से दर्ज हैं इस तरह के मुकदमे
ग्रामीणों व किशोरी के स्वजन का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद आरोपित तोप सिंह ने गांव में अपना खौफ कायम कर रखा है। इससे आसपास के दुकानदार अपनी दुकानें नहीं खोलते। पुलिस ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपित के विरुद्ध 2008 में एससीएसटी एक्ट का मुकदमा, 2011 में हत्या का मुकदमा, 2011 में अवैध शस्त्र का मुकदमा दर्ज है।
2022 में जुआं खेलने, 2023 में चोरी , 2026 में अब दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपित की अपराध करने की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है।
यह भी पढ़ें- बांदा में ट्रेलर की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार डॉइवर और महिला की मौत, खड़ी ट्रॉली में भिड़ंत से हुआ हादसा
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।