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    बरेली में 11 वर्षीय मासूम की हत्या में दो दोषियों को उम्रकैद, मारकर गन्ने के खेत में फेंका था शव

    Updated: Thu, 21 May 2026 03:46 AM (IST)

    बरेली कोर्ट ने 2019 में 11 वर्षीय गुलाब सिंह की हत्या के मामले में किशन श्रीवास्तव और हिमांशु शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बच्चे का अपहरण क ...और पढ़ें

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    11 वर्षीय मासूम की हत्या में दो दोषियों को उम्रकैद।

    HighLights

    1. दो दोषियों को 11 वर्षीय बच्चे की हत्या में उम्रकैद।

    2. मासूम गुलाब सिंह का शव गन्ने के खेत में बरामद हुआ।

    3. अपहरण और साक्ष्य मिटाने के लिए भी अतिरिक्त सजा।

    जागरण संवाददाता, बरेली। सात साल पुराने 11 साल के बच्चे की हत्या के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने हत्या के दोनों आरोपितों किशन श्रीवास्तव उर्फ कृष्णा और हिमांशु शर्मा को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

    यह दर्दनाक मामला इज्जतनगर थाना क्षेत्र के अहलादपुर गांव का है। नौ अप्रैल 2019 की शाम करीब साढ़े सात बजे 11 साल का मासूम गुलाब सिंह अपने घर से अचानक लापता हो गया था।

    बच्चे के स्वजन ने उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन जब उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तो गुमशुदगी दर्ज कराई। 12 अप्रैल की सुबह गांव के ही एक गन्ने के खेत में बच्चे का सड़ा-गला शव बरामद हुआ।

    मामले की जांच में साफ हुआ कि गांव के ही रहने वाले किशन श्रीवास्तव उर्फ कृष्णा और हिमांशु शर्मा ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।

    विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) अभय श्रीवास्तव की कोर्ट में यह तथ्य प्रमुखता से आया कि घटना वाली शाम एक चश्मदीद ने मासूम गुलाब सिंह को आखिरी बार दोनों दोषियों के साथ गन्ने के खेत की दिशा में जाते हुए देखा था।

    इसके अलावा, वारदात के बाद दोनों आरोपितों का गांव से रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाना, बच्चे की तलाश में परिवार की कोई मदद न करना और उनका संदिग्ध व्यवहार उनके विरुद्ध सबसे मजबूत साक्ष्य बना।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी क्रूरता की पुष्टि की, जिसमें साफ हुआ कि मासूम की हत्या गला घोंटकर की गई थी। विशेष लोक अभियोजक स्वतंत्र पाठक ने कोर्ट में नौ गवाह पेश किए। अपराध की गंभीरता और क्रूरता को देखते हुए न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की कड़ी सजा सुनाई है और प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

    जुर्माने में से एक लाख रुपये की राशि पीड़ित पिता इंद्रपाल को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, अपहरण और साक्ष्य मिटाने के जुर्म में भी उन्हें क्रमशः तीन और सात साल के कठोर कारावास तथा अतिरिक्त जुर्माने की सजा दी गई है।

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