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बिजनौर में शिक्षिका की शर्मनाक हरकत: मिड-डे मील खा रहे बच्चों को पीटा, हाथ से छीनकर फेंकी थाली

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Fri, 23 Oct 2026 03:56 AM (IST)

बिजनौर के एक कंपोजिट विद्यालय में शिक्षिका ने मिड-डे मील खा रहे बच्चों से थाली छीनकर फेंकी और उन्हें पीटा, जिसमें एक दिव्यांग बच्चा भी शामिल था।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. शिक्षिका ने मिड-डे मील खा रहे बच्चों से थाली छीनी।

  2. दिव्यांग सहित कई बच्चों को शिक्षिका ने बुरी तरह पीटा।

  3. गांव वालों के हंगामे के बाद जांच और कार्रवाई का आश्वासन।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही एक शिक्षिका ने मिड-डे मील खा रहे बच्चों के हाथ से थाली छीनकर फेंक दी। एक दिव्यांग बच्चे को बुरी तरह पीटा। स्टाफ ने विरोध किया तो उनसे भी अभद्रता की। गांव वालों ने स्कूल में हंगामा किया। खंड शिक्षा अधिकारी ने मामले में गांव वालों के बयान लिए हैं। कंपोजिट विद्यालय, खुड़ाहेड़ी में गुरुवार को बच्चे बरामदे में बैठकर खाना खा रहे थे।

आरोप है कि सहायक अध्यापिका प्रज्ञा त्यागी ने अकारण खाना खा रहे दो बच्चों के हाथ से थाली छीनकर फेंक दी और उन्हें पीट दिया। शिक्षिका पर एक दिव्यांग बच्चे को भी कक्षा के बाहर खड़े होने पर पीटने का आरोप है। इसका पता लगने पर अभिभावक स्कूल आ गए और हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब होने के कारण शिक्षिका उनके बच्चों से परहेज करती है और आए दिन पीटती है।

कार्रवाई का दिया आश्वासन

मुख्य अध्यापक राजीव कुमार व अन्य स्टाफ ने शिक्षिका के आचरण पर विरोध किया तो प्रज्ञा ने उनसे भी अभद्रता की। गांव वाले पुलिस को बुलाने की बात करने लगे तो इस बीच खंड शिक्षा अधिकारी डा. प्रभात कुमार वहां पहुंच गए। उन्होंने गांव वालों के बयान लिए और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

स्टाफ ने बताया कि प्रज्ञा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही है। वह बिना सूचना के स्कूल से अनुपस्थित रहती हैं। देर से आती हैं और जल्दी चली जाती हैं। बच्चों को पढ़ाने के बजाय अपने लैपटाप पर परीक्षा की तैयारी करती हैं। वे बच्चों को आए दिन पीटती रहती हैं।

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बीएसए सचिन कसाना ने बताया कि मामला संज्ञान में है। बच्चों के साथ इस तरह का आचरण किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी से आख्या लेकर कार्रवाई की जाएगी।