गर्भवती की पिला दिया तेजाब, बीमार होने का बनाया बहाना... यह था मामला
एक दुखद घटना में गर्भवती महिला को धोखे से तेजाब पिला दिया गया। आरोपी ने पहले बीमार होने का नाटक किया, जिससे किसी को उस पर शक न हो। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

ममतेश। सौ. स्वजन
संवाद सूत्र, जागरण, नगीना (बिजनौर)। दहेज के लिए ससुराल पक्ष ने पहले तीन माह की गर्भवती को तेजाब पिलाया और हालत खराब होने पर बीमार होने का बहाना बना मायके छोड़ आए। हालत बिगड़ने पर विवाहिता के भाई ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। बिजनौर ले जाते समय विवाहिता ने रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर विवाहिता के पति, सास-ससुर, दो जेठ व ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
धामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तीबड़ी निवासी सीताराम पुत्र अमर सिंह ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन ममतेश की शादी करीब छह माह पूर्व नगीना थाना क्षेत्र के गांव हरगांव चांदन निवासी मनीष पुत्र भीम सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसकी बहन से दो लाख की नगदी, एक सोने की अंगूठी व सोने की चेन की मांग कर उसका उत्पीड़न करते चले आ रहे थे।
आरोप है कि शुक्रवार सुबह सास रानी देवी, ससुर भीम सिंह, जेठ विपिन सिंह व विकेश सिंह तथा ननद हिमानी उसकी बहन ममतेश को लेकर उनके गांव तीबड़ी आए। उस समय ममतेश की हालत बहुत नाजुक थी और मुंह से खून आ रहा था। महिला को उसके मायके छोड़कर ससुराल पक्ष के लोग चले गए। पूछने पर ममतेश ने बताया कि उसकी सास ने उसे तेजाब पिला दिया है। स्वजन ने उसे गांव के ही एक अस्पताल में दिखाया। चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल ले जाने को कहा। जब वह अपनी बहन को बिजनौर ले जा रहा था तो उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। ममतेश तीन माह की गर्भवती भी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण की मिलेगी जानकारी नगीना थानाध्यक्ष अवनीत मान ने बताया कि मृतक के भाई सीताराम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपित अभी अपने घर से फरार हैं। शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजन को सौंप दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के सही कारण का पता चलेगा।
महिला प्रधान की मौत में पति समेत छह पर हत्या का मुकदमा
संवाद सूत्र, जागरण, स्योहारा (बिजनौर)। 20 अगस्त को गांव मेवानवादा की प्रधान राहिल परवीन का शव उनके कमरे में संदिग्ध अवस्था में मिला था। पति व ससुराल वालों ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बता कही थी, लेकिन मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया था। मामले में मृतका के भाई ने बिजनौर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट के आदेश पर अब पुलिस ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बिजनौर के थाना शिवाला कलां के गांव ढाकी निवासी महराजुद्दीन पुत्र बदरुद्दीन ने कुछ समय पहले कोर्ट में प्रार्थना दिया था। महराजुद्दीन के मुताबिक उसकी बहन राहिल परवीन का निकाह स्योहारा थाने के गांव मेवानवादा निवासी इशरत अली से हुआ था। 20 अगस्त 2025 को उसकी बहन का शव उसके कमरे में खिड़की से बंधा हुआ था, उसके गले में दुपट्टा था और घुटने जमीन पर लगे हुए थे। ससुराल वालों ने राहिल के द्वारा फांसी लगाने की बात कही थी, लेकिन आरोप है कि पति इशरत ने अपने साथियों के साथ मिलकर राहिल की हत्या की है। महराजुद्दीन के मुताबिक उस समय पुलिस ने भी हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
आरोप है कि पति इशरत का अन्य लड़की से संबंध था, वह उसके अक्सर घर भी लाता था। जिसके चलते राहिल परवीन से झगड़ा रहता था, इसी कारण इशरत ने राहिल को रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या कर दी। महराजुद्दीन द्वारा कोर्ट में प्रार्थना पत्र देने के बाद कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। जिस पर अब पुलिस ने शुक्रवार को मृतका प्रधान के पति इशरत अली व उसके पांच साथियों हारुन, दानिश, राशिद, पुष्पेंद्र और वहाजुद्दीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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