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चित्रकूट में बाढ़ से तबाही: झांसी-मीरजापुर हाईवे पर मंदाकिनी पुल पर एप्रोच रोड धंसी, बड़े वाहन रोके गए

Updated: Sun, 30 Aug 2026 12:19 PM (IST)

मंदाकिनी नदी में रिकॉर्ड बाढ़ के बाद चित्रकूट में पुलों और सड़कों पर तबाही के निशान उभरे हैं। झांसी-मीरजापुर हाईवे ...और पढ़ें

सड़क पर खड़ी बसें।

सड़क पर खड़ी बसें।

HighLights

  1. झांसी-मीरजापुर हाईवे पर मंदाकिनी पुल के पास सड़क धंसी।

  2. बड़े वाहनों का आवागमन रोका, यातायात वैकल्पिक मार्गों से।

  3. सीएम मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। 23 साल बाद आई रिकॉर्ड बाढ़ के बाद मंदाकिनी का पानी रविवार को उतरने लगा है पर अब पुल और सड़कों पर तबाही के छूटे निशान सामने आने लगे हैं। झांसी-मीरजापुर हाईवे पर कर्वी के मंदाकिनी पुल पर बांदा की तरफ सड़क का करीब 10 फीट हिस्सा धंस गया है। तेज बहाव से पुल के किनारे की मिट्टी कटने के कारण पुल से लगे मार्ग का बड़ा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ है।

सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पुल से बड़े वाहनों का आवागमन रोक दिया है। यातायात पुलिस बैरिकेड कर केवल दोपहिया और चार पहिया वाहनों को सावधानी से निकाल रही है। हाईवे पर यातायात प्रभावित होने से वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों से गुजारा जा रहा है।

उधर, चित्रकूट-सतना, मानिकपुर-सतना मार्ग कई स्थानों पर कटान, रपटा-पुलिया बहने के कारण प्रभावित हैं। हनुमानधारा मार्ग का पुल बहने व मोहकमगढ़ व तरौंहा पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन की मुश्किल और बढ़ गई है।

कल पानी उतरने पर खोला गया था पुल

इससे पहले शनिवार को मंदाकिनी का पानी पुल तक पहुंचने के कारण दोपहर करीब डेढ़ बजे आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था। रात 10 बजे पानी उतरने के बाद पुल को बसों व बड़े वाहनों के लिए खोल दिया गया था।

डीएम पुलकित गर्ग ने बताया कि वाहन चालकों और राहगीरों से बाढ़ प्रभावित रास्तों पर अनावश्यक आवागमन नहीं करने व सुरक्षा के लिए जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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बारिश के बाद सड़क का हाल।

अब ये चुनौतियां

  • बाढ़ का पानी उतरने के बाद सबसे बड़ी चिंता संक्रमण और बीमारियों की है
  • घरों, गलियों और दुकानों में जमा कीचड़, गंदा पानी और मलबा हटाने के साथ पेयजल स्रोतों की सफाई जरूरी
  • प्रभावित परिवारों को सुरक्षित घर लौटाने से पहले क्षतिग्रस्त मकानों और रास्तों की स्थिति भी देखना
  • एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी समेत आपदा प्रबंधन की 15 टीमों के राहत और बचाव कार्य की निगरानी
  • रेस्क्यू के बाद प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर उन्हें दोबारा सामान्य जीवन में लौटाना

ऐसे रहे थे शनिवार के हालात

शनिवार को मंदाकिनी का जलस्तर 135.200 मीटर पहुंचा, जो वर्ष 2003 के 134.500 मीटर के हाई फ्लड लेवल से 70 सेंटीमीटर अधिक था। यह खतरे के निशान से 8.70 मीटर ऊपर है। रामघाट से लेकर आसपास की बस्तियों और धार्मिक स्थलों तक पानी पहुंचने से सड़कें जलमग्न हुईं और पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचा है

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मध्य प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में राहत की चुनौती, सीएम मोहन यादव पहुंचे

मध्य प्रदेश क्षेत्र में कई स्थानों पर पानी उतरने की प्रक्रिया जारी है। हनुमानधारा मार्ग का पुल बहने से यूपी-एमपी संपर्क प्रभावित हुआ है। मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार रात बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी। राहत कार्य के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी लगे हैं। आज (रविवार को) सीएम मोहन यादव ने चित्रकूट का हवाई सर्वे किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनका हाल जाना और राहत सामग्री बांटी।

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