IAS Pulkit Garg: चित्रकूट में डीएम पुलकित गर्ग का अनुभव ला रहा विकास की बहार, धार्मिक पर्यटन को मिली नई पहचान
चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के अनुभव से जिले में विकास कार्यों को गति मिली है, जिसमें धार्मिक पर्यटन को नई पहचान और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शामिल है।

HighLights
चित्रकूट में धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढाँचे का तीव्र विकास।
आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प; जल संचयन में राष्ट्रीय सम्मान।
डीएम पुलकित गर्ग का अनुभव चित्रकूट को नई दिशा दे रहा।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। बाबा भोलेनाथ की नगरी काशी से एक साल पहले 29 अक्टूबर 2025 को तपोभूमि में जिलाधिकारी बनकर पहुंचे पुलकित गर्ग का अनुभव विकास कार्यों में दिखाई देने लगा है। धार्मिक और पर्यटन स्थलों को आकर्षण का केंद्र बनाने के साथ अधूरी परियोजनाओं को गति मिली है।
शहर की सड़कों, चौराहों और पैदल पथों का स्वरूप बदल रहा है, वहीं गांवों में बुनियादी सुविधाओं और बच्चों की शुरुआती शिक्षा पर भी जोर दिया गया है। हालांकि, बाढ़ से प्रभावित रामघाट की रौनक लौटाना अब भी बड़ी चुनौती है।
मध्यप्रदेश की बढ़ेगी कनेक्टिविटी
पटेल तिराहा से देवांगना तक करीब 139.07 करोड़ रुपये की फोरलेन सड़क का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। वर्ष 2024 में स्वीकृत इस परियोजना के पूरा होने से मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। कर्वी में पटेल तिराहा से धनुष चौराहा तक 12.98 करोड़ रुपये से सड़क चौड़ी, सर्विस रोड, फुटपाथ और डिवाइडर विकसित किए जा रहे हैं।
स्टेशन रोड और एलआईसी-जीजीआईसी मार्ग पर भी फुटपाथयुक्त सड़क की योजना को बजट मिल चुका है। बेड़ी पुलिया से सीतापुर शंख चौराहे तक 4.30 करोड़ रुपये से डिवाइडर पर ‘राम पदचिह्न’ थीम आधारित लैंडस्केपिंग कराई जा रही है। 6.20 करोड़ रुपये से बेड़ी पुलिया चौराहा विकसित हो रहा है।
मानिकपुर के पाठा क्षेत्र में तुलसी वाटरफाल के पास 3.40 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजना के तहत सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें जनजाति हाट भी शामिल है। कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और आरती स्थल का विकास भी धार्मिक पर्यटन को नया रूप दे रहा है। विकास की यह तस्वीर गांवों तक भी पहुंची है।
बेटी सिया का प्रवेश आंगनबाड़ी केंद्र में कराया
जिलाधिकारी ने अपनी बेटी सिया का प्रवेश आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के प्रति संदेश दिया। जिले के केंद्रों में रंगीन दीवारों, खिलौनों, शैक्षिक किट और स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों के लिए सीखने का माहौल तैयार किया।
जल संचयन में जिले को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, वहीं प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य के लिए अक्टूबर 2026 में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ। वाराणसी विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के रूप में काम करने का अनुभव धार्मिक नगरी के विकास में उपयोगी साबित हुआ।
अब बाढ़ से प्रभावित रामघाट को फिर संवारा जा रहा है। तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से 45 करोड़ रुपये के 17 कार्य स्वीकृत हुई हैं। साथ ही जनता दर्शन में फरियादियों तक स्वयं पहुंचते हैं। बाढ़ के समय पीड़ितों के साथ खडे़ नजर आए।
