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देवरिया आग हादसा: नोनापार में चार की मौत, परिवार की खुशियां राख

Published: Thu, 22 Oct 2026 12:37 PM (IST)

देवरिया के नोनापार में बुधवार रात आग लगने से एक परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसमें ...और पढ़ें

मौके पर जुटी पुलिस। जागरण

मौके पर जुटी पुलिस। जागरण

HighLights

  1. नोनापार आग में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत।

  2. दशहरा मेले के बाद झोपड़ी में सो रहे थे पीड़ित।

  3. अवैध बिजली कनेक्शन पर उठे सवाल, जांच जारी।

विजय प्रताप सिंह मिंटू, भटनी, (देवरिया)। नोनापार में बुधवार की रात आग ने एक परिवार से उसकी खुशियां ही नहीं, जीने के कई सहारे भी छीन लिए। रिहायशी बनी तीन झोपड़ियों में सो रहे बालकिशुन बासफोर, उनके दामाद जितेंद्र, बेटी लीला और दो वर्षीय नाती सनी की जिंदगी आग की भेंट चढ़ गई।

परिवार में अब मातम है और पीछे छूट गए लोगों के सामने अपनों के बिना जिंदगी गुजारने की चुनौती। संयोग ने बालकिशुन की पत्नी राबड़ी देवी और उनके दो बेटों रतन व अमरजीत को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें भी आगजनी के कारणों की जांच में जुटी रही।

राबड़ी देवी को क्या पता था कि रात उनके परिवार पर इतना बड़ा कहर बनकर टूटेगी। वह नोनापार रेलवे स्टेशन के बगल स्थित मंदिर में सोई थीं। वहीं, उनके बेटे रतन और अमरजीत पास में बने दुर्गा पूजा पंडाल में नृत्य कर रहे थे। इस तरह तीनों झोपड़ी से बाहर थे और उनकी जान बच गई। लेकिन सुबह तक उनका संसार उजड़ चुका था। पति, बेटी, दामाद और नाती को खोने का दर्द शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।

बालकिशुन पिछले करीब 15 वर्षों से नोनापार में रह रहे थे। उनके छह बेटे और एक बेटी थी। बेटी लीला की शादी नूनखार निवासी जितेंद्र से हुई थी। परिवार पहले ही एक संतान को खो चुका था। अब आग ने बेटी और उसके परिवार को भी छीन लिया। पिता के साथ रहने वाले रतन के सिर से उनका साया उठ गया। घर में अपनों की मौजूदगी से मिलने वाला सहारा अब सिर्फ यादों में रह गया है।

जितेंद्र पत्नी लीला और बेटे सनी के साथ दशहरा का मेला देखने ससुराल नोनापार आया था। मेला घूमने के बाद तीनों झोपड़ी में सो गए। उन्हें क्या पता था कि यह मेला उनकी जिंदगी का आखिरी उत्सव बन जाएगा। रात में लगी आग ने सोते हुए परिवार को संभलने का मौका तक नहीं दिया। देखते ही देखते त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं।

घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों का दिनभर जमावड़ा लगा रहा। विधायक सुरेंद्र चौरसिया, पूर्व विधायक गजाला लारी, पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस धर्मेंद्र सिंह, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष सिंह, जिला पंचायत सदस्य अजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।

कटिया कनेक्शन से चल रही थी बिजली

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नोनापार में आग की घटना में चार लोगों की मौत के बाद बिजली विभाग की भूमिका सवालों के घेरे में है। रेलवे स्टेशन परिसर में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे बासफोर परिवार की झोपड़ी में कटिया कनेक्शन से बिजली जलाई जा रही थी। अवर अभियंता रविदेव मिश्रा ने अवैध कनेक्शन की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच के लिए मौके पर लाइनमैन भेजा गया था। हालांकि, उन्होंने आग लगने की वजह शार्ट सर्किट होने से इन्कार किया। विभाग के इस बयान के बाद हादसे के कारणों को लेकर संशय बढ़ गया है।

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