बाबा नीब करौरी के नाम से बनेगा आध्यात्मिक सर्किट, टूरिस्ट जान सकेंगे अब करीब से जीवन
बाबा नीब करौरी के जीवन पर आधारित 'हनुमान अंश' फिल्म की प्रशंसा के बीच, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने उनकी ...और पढ़ें

Baba Neem Karauri: फिरोजाबाद के टूंडला के पास अकबरपुर में बाबा का जन्मस्थान।
राजीव शर्मा, फिरोजाबाद। बाबा नीब करौरी (Baba Neem Karauri) के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश (Hanuman Ansh) को जबरदस्त प्रशंसा मिल रही है। अब बाबा के महासमाधि दिवस पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने उनकी आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
उनके जीवन और विरासत से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर आध्यात्मिक पर्यटन का नया सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पांच विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए हैं।
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जन्मस्थली पर कमरे में लगीं बाबा नीब करौरी की तस्वीर।
फिरोजाबाद में है बाबा का जन्मस्थान
इसके साथ ही फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में पर्यटन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर लगभग 12.93 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। फिरोजाबाद के अकबरपुर को बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है। फेज-1 के तहत पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
इसके अलावा 2.22 करोड़ रुपये की फेज-2 परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी।
वहीं फर्रुखाबाद स्थित आश्रम के विकास पर 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है। इन सभी कार्यों का उद्देश्य बाबा से जुड़े स्थलों को बेहतर सुविधाओं के साथ एक व्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन अनुभव में बदलना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बाबा का महासमाधि दिवस ऐसे संत को याद करने का अवसर है, जिनका आस्था, सादगी और सेवा का संदेश आज भी भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के लोगों को प्रेरित करता है।
उन्होंने बताया वर्ष 2017 से पहले बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े स्थलों की पर्यटन क्षमता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अब उनकी विरासत को संरक्षित करने और व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है।
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जन्मस्थली पर बन रहा प्रदर्शनी हॉल
अकबरपुर में बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लाक और बाबा के जीवन एवं आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित आधुनिक प्रदर्शनी हाल बनाया जा रहा है। इसके अलावा डाइनिंग हाल, 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया, रसोई, शौचालय और करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए डाेरमेट्री की सुविधा विकसित की जा रही है।
फेज-2 में गार्ड रूम, सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं और पत्थर के रास्ते बनाए जा रहे हैं। वहीं ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत प्रवेश द्वार, साइनेज, म्यूरल वाल और पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फर्रुखाबाद के नीब करोरी आश्रम में भी यात्रियों के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं।
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सर्किट में शामिल होंगे ये स्थान
बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को अब ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ के रूप में जोड़ा जा रहा है। इस सर्किट में वृंदावन स्थित समाधि मंदिर शामिल है, जहां वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी। इसके साथ फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी सर्किट का हिस्सा हैं।
मान्यता है कि फर्रुखाबाद स्थित आश्रम में बाबा ने भूमिगत गुफा में करीब 12 वर्ष साधना की थी। इस तरह जन्मस्थली से लेकर समाधि स्थल तक बाबा की आध्यात्मिक यात्रा को एक ही पर्यटन मार्ग में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बाबा पर आधारित सर्किट में टूर पैकेज दो, तीन और पांच दिन की यात्राएं शामिल हैं। पर्यटकों की मांग के आधार पर इन पैकेजों का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। टूर की जानकारी के लिए पर्यटक 91490 99890 पर या यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट upstdc.co.in पर जानकारी ले सकते हैं।
