विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोंडा में बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, खेतों में डूबी धान की कटी फसल

Published: Sun, 01 Nov 2026 02:34 PM (IST)

गोंडा में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, खेतों में कटी धान की फसलें जलजमाव के कारण ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. बेमौसम बारिश से गोंडा में धान की फसलें डूबीं।

  2. जलजमाव से गन्ना और मक्के को भी खतरा।

  3. किसान खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करें।

जागरण टीम, गोंडा। बेमौसम बारिश से खेतों में गिरी व कटी पड़ी धान की फसलें जलजमाव के कारण भीगी हुई हैं, ऐसे में इन फसलों के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। धान की कटाई रुकने के साथ ही गन्ना व मक्के की फसल को भी नुकसान होने की आशंका है। 36 घंटे के भीतर 40 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान है। आसमान में बादल दो नवंबर तक छाए रह सकते हैं।

शनिवार को भी दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। हल्की फुहारें पड़ने से मौसम ठंडा रहा। जलजमाव के कारण राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण गोंडा-उतरौला मुख्य मार्ग पर अलावल देवरिया में नाला चोक होने की वजह से 200 मीटर में जलभराव रहा। परसपुर : बसंतपुर में खेत में कटी पड़ी धान की फसल डूब गई है। आंटा में भी धान के खेत में पानी भरा हुआ है।

बंधवा निवासी ईश्वरदीन ने कहा कि भिंडी की फसल बारिश व तेज हवा के कारण खेत में गिर गई है। भगोहर निवासी रामकुमार ने कहा कि एक एकड़ में गोभी लगाई थी खेत में पानी भरने के कारण पेड़ गलने का डर है। वहीं, कप्तान दूबे ने कहा कि यदि तेज हवा चलेगी तो मक्के के पेड़ गिर जाएंगे।

जिला कृषि अधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने बताया जिले में 1.74 लाख हेक्टेयर में खरीफ की बोआई हुई थी। इसके अलावा 1.05 लाख हेक्टेयर गन्ना, 25 हजार हेक्टेयर में सब्जी की भी फसलें लगी हुई हैं। दो नवंबर तक आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। वरिष्ठ विज्ञानी डा. उपेंद्रनाथ सिंह ने कहा कि किसान खेतों से जलनिकासी की व्यवस्था करें।

यह भी पढ़ें- गोंडा से दिल्ली जा रही कांग्रेसियों से भरी बस क्षतिग्रस्त, सभी सुरक्षित

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।