डेढ़ करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले पर पुलिस की नजर, मास्टरमाइंड की तलाश में बिहार पहुंची टीम
गोरखपुर पुलिस की बेलघाट टीम बिहार में डेढ़ करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। आरोपी सरकारी योजनाओं का लालच देकर फर्जी खाते खुल ...और पढ़ें

साइबर ठग की तलाश में बिहार पहुंची पुलिस।

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जागरण संवाददाता, गोरखपुर। डेढ़ करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मास्टरमाइंड शशिरंजन कुमार की तलाश में बेलघाट थाना पुलिस की टीम बिहार के औरंगाबाद जिले के गोह पहुंच गई है। पुलिस को सूचना मिली है कि शशिरंजन ने बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का नेटवर्क तैयार किया था और सरकारी योजनाओं का लालच देकर खाते खुलवाने के बाद साइबर ठगी के रकम ट्रांसकर करके गिरोह के सदस्यों से निकलवाता था।
पुलिस ने तीन आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब तक 50 से अधिक लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्य, बैंक डिटेल और लोकेशन के आधार पर मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
मास्टरमाइंड शशिरंजन कुमार औरंगाबाद (बिहार) के गोह क्षेत्र स्थित डोवल गांव का रहने वाला है। पटना में रहकर वह गिरोह का संचालन कर रहा है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरे गिरोह का नेटवर्क पूरी तरह उजागर हो सकेगा।
टीम ने बिहार पुलिस की मदद से संभावित ठिकानों पर छापेमारी की है, लेकिन अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। बेलघाट पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार को बेलघाट के भभया निवासी अभिषेक शुक्ला, औरंगाबाद गोह निवासी सतीश कुमार गुप्ता और नीरज कुमार खत्री को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
आरोपितों के पास से उत्तर प्रदेश,बिहार और हरियाणा के दर्जनों बैंक का पासबुक, एटीएम कार्ड और चेक बुक बरामद हुआ था। जांच में सामने आया है कि इनके जरिए बड़ौदा यूपी बैंक बेलघाट, एसबीआइ बेलघाट, आईओबी सिकरीगंज, सेंट्रल बैंक उरूवा, आंध्रा बैंक सिविल लाइन, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सिविल लाइन, एचडीएफसी बैंक गुड़गांव, एसबीआई अनुग्रह कालोनी गया (बिहार), आईसीआईसीआई बैंक रफीगंज औरंगाबाद, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक वरगांवा औरंगाबाद, पीएनबी चंदौली समेत कई बैंक शाखाओं में 100 से अधिक म्युल खाते खोले गए थे।
पुलिस इन खातों को सीज करने की कार्रवाई कर रही है। एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच जारी है और जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा।
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