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UP Bhulekh: जमीन खरीदने से पहले मोबाइल पर 5 मिनट में करें 6 जांच, जानें खसरा-खतौनी देखने का तरीका

Updated: Wed, 26 Aug 2026 02:20 PM (IST)

जमीन खरीदने से पहले धोखाधड़ी से बचने के लिए यूपी भूलेख पोर्टल पर खसरा-खतौनी की ऑनलाइन जांच करें। मोबाइल पर जनपद, तहसील, गांव चुनकर गाटा/खसरा नंबर या खातेदार के नाम से रिकॉर्ड देखें और 6 महत्वपूर्ण बिंदुओं का मिलान करें।

AI Image.

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HighLights

  1. यूपी भूलेख पर मोबाइल से जमीन के रिकॉर्ड की जांच करें।

  2. जमीन खरीदने से पहले 6 महत्वपूर्ण बिंदुओं का सत्यापन करें।

  3. धोखाधड़ी से बचने के लिए राजस्व रिकॉर्ड की पुष्टि आवश्यक।

विवेक शुक्ला, गोरखपुर। ( UP Bhulekh) आज के इस महगांई के दौर में जमीन खरीदना जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला है। ऐसे में बहुत से लोग जल्दबाजी में जमीन खरीदते हैं और जालसाजों के चंगुल में फंस जाते हैं। लोग विक्रेता के कागज देखकर पैसा दे देते हैं और बाद में जमीन के मालिकाना हक, रकबा या रिकॉर्ड को लेकर विवाद में फंस जाते हैं। ऐसे में जमीन खरीदने से पहले अपने मोबाइल में बड़ी आसानी के साथ राजस्व रिकॉर्ड की शुरूआती जांच की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश के भूलेख पोर्टल के जरिए बड़ी आसानी से खसरा-खतौनी का रिकॉर्ड देखा जा सकता है। इसके लिए यूपी भूलेख (UP Bhulekh) की वेबसाइट पर जाना होगा।

सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर जनपद, तहसील और गांव का चयन करें। इसके बाद जमीन का गाटा/खसरा नंबर, खाता संख्या या खातेदार (Khasra Khatauni Online) के नाम के जरिए रिकॉर्ड नाम खोजा जा सकता है।

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रिकॉर्ड सामने आने के बाद इस छह चीजों को जरूर मिलाएं, जिससे आप तय कर सकते हैं कि जमीन किसने नाम पर थी और कौन इसका असली मालिक है। इससे आप धोखाधड़ी से भी बच सकते हैं। इन छह पॉइंट को पहले चेक करें।

  • खातेदार का नाम
  • गाटा/खसरा नंबर
  • जमीन का रकबा
  • खाता संख्या
  • जमीन का नक्शा
  • पुराने दस्तावेज
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आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं...

1- खातेदार का नाम
जमीन बेचने वाला व्यक्ति जिस नाम से खुद को मालिक बता रहा है, उसका नाम खतौनी में दर्ज खातेदार के नाम से मिलाएं।

2- गाटा/खसरा नंबर
विक्रेता से मिला गाटा या खसरा नंबर ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलाएं। नंबर में अंतर होने पर आगे बढ़ने से पहले इसकी जांच कराएं।

3- जमीन का रकबा
विक्रेता जितनी जमीन बेचने की बात कर रहा है, उतना ही क्षेत्रफल रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं, यह जरूर देखें।

4-खाता संख्या
खाता संख्या भी जांचें। एक ही खातेदार के नाम पर अलग-अलग गाटे हो सकते हैं, इसलिए केवल नाम देखकर जमीन तय न करें।

5- जमीन का नक्शा
जहां सुविधा उपलब्ध हो, भू-नक्शे में गाटा नंबर और जमीन की स्थिति को मौके की जमीन से मिलाएं।

6- पुराने दस्तावेज
ऑनलाइन रिकॉर्ड देखने के बाद विक्रेता की पुरानी रजिस्ट्री/बैनामा, नामांतरण और अन्य संबंधित दस्तावेज भी जांचें। ऑनलाइन खतौनी अकेले पूरी कानूनी जांच का विकल्प नहीं है।

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अगर रिकॉर्ड में नाम, रकबा या गाटा नंबर को लेकर कोई अंतर दिखाई देता है तो जल्दबाजी में एडवांस या पूरी रकम न दें। राजस्व रिकॉर्ड और रजिस्ट्री के दस्तावेजों का संबंधित विभाग या योग्य कानूनी विशेषज्ञ से सत्यापन कराना बेहतर है।

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सबसे खास बात यह है कि मोबाइल पर भूलेख की जांच जमीन खरीदने की शुरुआती पड़ताल है। जमीन का अंतिम फैसला करने से पहले उपलब्ध सभी संबंधित दस्तावेजों और मालिकाना हक का स्वतंत्र सत्यापन जरूर करें।

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