8 साल की बच्ची का रेप-मर्डर, शव के टुकड़े किए और जला दिया; यूपी में पांच साल बाद दोषी को उम्रकैद
हमीरपुर में एक विशेष अदालत ने एक मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी संतोष कोरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसके शव को जला दिया था। अदालत ने आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है, जिसका अधिकांश भाग मृतका के परिवार को दिया जाएगा।

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। मासूम से दुष्कर्म के बाद चाकू से उसके टुकड़े कर शव जलाने वाले आरोपित के मामले में सुनवाई करते हुए शनिवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कीर्तिमाला सिंह ने आरोपित को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 39 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने जुर्माना की रकम का 80 प्रतिशत मृतका के स्वजन को देने के भी आदेश दिए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि मौदहा थाना क्षेत्र के एक मुहल्ला निवासी वादिनी ने कोतवाली में 26 जून 2020 को तहरीर दी थी। जिसमें वादिनी ने बताया कि 25 जून 2020 की शाम उसकी आठ वर्षीय पुत्री के साथ चारपाई में लेटी थी। रात करीब ढाई बजे वादिनी ने उठकर देखा तो उसकी पुत्री चारपाई से लापता थी।
तभी उसने अपने स्वजन को जगाकर पुत्री के लापता होने की जानकारी दी। स्वजन ने पड़ोस में आसपास ढूंढ़ना शुरू कर दिया। लेकिन उसकी पुत्री को कोई सुराग न लगने पर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना शुरू कर दिया। तभी पड़ोसियों ने पुलिस को 26 जून 2020 को सूचना दी कि एक घर से जलने की गंध आ रही है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घर में देखा तो जली हुई राख, हड्डी, बच्ची के पैर के छल्ले, चाकू व तावा बरामद किया। पुलिस ने कानपुर की फारेंसिक टीम को बुलाकर जांच कराई। जिस पर मौके पर मौजूद अभियुक्त संतोष कोरी पुत्र राजाराम कोरी ने सबके सामने गुनाह कबूल करते हुए कहा कि उसने मासूम के साथ दुष्कर्म कर उसे चाकू से टुकड़े कर जला दिया है।
विवेचक ने विवेचना पूरी करते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल किया। शनिवार को मामले की सुनवाई पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कीर्ति माला सिंह ने अभियुक्त संतोष कोरी को दोषी मानते हुए आजीवान कारावास की सजा सुनाते हुए 39 हजार रुपये जुर्माना लगाया। अदालत ने जुर्माना का 80 प्रतिशत मृतका के स्वजन को दिए जाने की आदेश दिया।

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