12 अगस्त को लगने जा रहा साल का बड़ा सूर्यग्रहण, क्या है सूतक काल का समय? ज्योतिषियों ने बताया सबकुछ
श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर लगने वाला सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिससे इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। देश में सभी धार्मिक गतिविधियां ...और पढ़ें

12 अगस्त को लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण। फोटो: सांकेतिक
HighLights
भारत में यह सूर्यग्रहण बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा
देश में सूर्यग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा
सभी धार्मिक गतिविधियां और पूजा-अर्चना सामान्य रहेंगी
जागरण संवाददाता, हापुड़। श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या 12 अगस्त (बुधवार) को है। इस दिन दूसरे देशों में सूर्यग्रहण लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और सामान्य धार्मिक गतिविधियां पूर्ववत संचालित होंगी।
इन क्षेत्रों में दिखेगा सूर्य ग्रहण
देवलोक काॅलोनी स्थित श्री ज्योतिष कार्यालय के ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पांडेय ने बताया कि पूर्ण सूर्यग्रहण का मुख्य पथ ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन के उत्तरी भाग, पुर्तगाल के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र, उत्तरी रूस के कुछ हिस्सों और अटलांटिक महासागर के ऊपर रहेगा।
वहीं अधिकांश यूरोपीय देशों, कनाडा के बड़े हिस्से, अमेरिका के उत्तरी क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका और रूस के अन्य उत्तरी भागों में आंशिक सूर्यग्रहण दिखाई देगा।
रात 9:05 बजे सूर्य ग्रहण होगा शुरू
भारतीय मानक समय के अनुसार ग्रहण रात नौ बजकर पांच मिनट पर प्रारंभ होगा। पूर्ण ग्रहण रात 10 बजकर 29 मिनट शुरू होकर 11 बजकर 17 मिनट मध्य अवस्था में रहेगा और रात 12 बजकर पांच मिनट पर पूर्ण ग्रहण समाप्त होगा। ग्रहण की अंतिम अवस्था 13 अगस्त की रात एक बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी।
उन्होंने बताया कि चूंकि सूर्यग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए सूतक-पातक दोष प्रभावी नहीं माने जाएंगे। गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
मंदिरों के कपाट निर्धारित समय पर ही खुलेंगे और नियमित पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान व अन्य मांगलिक कार्य सामान्य रूप से संपन्न होंगे। सूर्यग्रहण को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रांति पर विश्वास न करें।
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