लखनऊ से वृंदावन: दंडवत यात्रा पर संत प्रेमानंद के दर्शन को निकले तीन दोस्त, रोजाना 6 KM की दूरी तय
लखनऊ के तीन दोस्त संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए दंडवत यात्रा पर निकले हैं। 17 अगस्त को शुरू हुई यह यात्रा 500 किलोमीटर की है, जिसमें दो युवक दंडवत करते हैं और एक बाइक पर सामान लेकर चलता है। वे प्रतिदिन छह किलोमीटर की यात्रा करते हैं और लगभग 120 दिनों में वृंदावन पहुंचने का लक्ष्य रखते हैं। हाथरस से वे सात दिनों में वृंदावन पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं।

दंडवत यात्रा के दौरान।
जागरण संवाददाता, हाथरस। मन में श्रद्धा हो तो हर मंजिल आसान है। हम बात कर रहे हैं लखनऊ के उन तीन दोस्तों की जो संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन का संकल्प लेकर लखनऊ से वृंदावन 500 किलोमीटर की दंडवत यात्रा पर हैं। तीन दोस्तों में दो दंडवत यात्रा कर रहे हैं और तीसरा संत प्रेमानंद महाराज का बाइक पर पोस्टर व अन्य जरूरी सामान लेकर पैदल ही उनके साथ चल पड़ा है। मुरसान रोड कलेक्ट्रेट से होकर मुरसान होकर मथुरा की ओर दंडवत करते उनको देखा तो लोगों के कदम ठहर गये और उनसे साहस का प्रणाम किया। उनका जगह- जगह रोककर स्वागत और सत्कार किया जा रहा है।
लखनऊ से वृंदावन तक की 500 किलोमीटर की दंडवत यात्रा कर रहे हैं तीन दोस्त
संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए लखनऊ के तीन युवा वृंदावन के दंडवत यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा 17 अगस्त को लखनऊ के बुद्धेश्वर मंदिर से शुरू की गई थी। 88 दिनों की कठिन यात्रा पूरी करने के बाद तीनों युवक अब हाथरस से होकर गुजरते हुए मुरसान रोड कलेक्ट्रेट पहुंचे तो उनको देखकर तमाम लोग रुक गए। जागरण से संक्षिप्त बातचीत में दीपक ने बताया कि वह कटौली, काकारेी लखनऊ से 17 नवंबर अगस्त को दंडवत यात्रा पर निकले हैं। उनका लक्ष्य लगभग 120 दिनों में वृंदावन के केलि-कुंज आश्रम पहुंचना है, जहां वे संत प्रेमानंद के दर्शन करेंगे।
दंडौती देख ठहर जाते हैं कदम, कलेक्ट्रेट पर लोगों ने किया तीनों के साहस को प्रणाम
दंडवत यात्रा कर रहे इन युवाओं में 21 वषीर्य दीपक, 19 वर्षीय सावन निवासी निवासी समर्थ नगर, काकोरी, लखनऊ हैं। साथ में बाइक पर अरविंद निवासी रानीपुर, काकोरी, लखनऊ बाइक लेकर पैदल ही चल पड़े हैं। ये तीनों आपस में मित्र हैं और उन्होंने संत प्रेमानंद के दर्शन दंडवत यात्रा करते हुए करने का संकल्प लिया है।
रोजाना छह किलोमीटर की यात्रा का लक्ष्य
दीपक बताते हैं रोजाना छह किलोमीटर की दंडवत यात्रा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। रास्ते में मिलने वाले भक्तजनों द्वारा दिए गए भोजन और पानी को वे ग्रहण करते हैं। यदि ऐसी व्यवस्था नहीं मिलती, तो वे स्वयं भोजन बनाने का प्रबंध करते हैं। यात्रा के दौरान दो युवा दंडवत करते हैं, तीसरा साथी से आवश्यक सामान लेकर उनके साथ चलता है। उम्मीद की जा रही है कि हाथरस से तीनों दोस्त यहां से वृंदावन की दंडवत यात्रा करीब सात दिन में पूरी कर लेंगे।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।