कानपुर किडनी कांड: मेडीलाइफ अस्पताल का संचालक पकड़ा, सामने आया ट्रांसप्लांट कराने वाली महिला की मौत से जुड़ा राज
कानपुर किडनी कांड में मेडीलाइफ अस्पताल के संचालक रोहन को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में कई राज खुले हैं। जेल भेजे गए ओटी टेक्नीशियन ने बताया कि दिसं ...और पढ़ें

जागरण संवादाता, कानपुर। केशवपुरम के मेडीलाइफ अस्पताल के एक संचालक कन्नौज तिर्वा के रोहन को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने कई अहम राज कबूले हैं। वहीं, जेल भेजे गए गाजियाबाद व हापुड़ के दोनों आरोपित ओटी (आपरेशन थियेटर) टेक्नीशियन ने भी कबूला था कि इसी अस्पताल में दिसंबर 2025 में एक महिला का ट्रांसप्लांट करने उनकी ही टीम पहुंची थी। हालांकि बाद उसकी हालत बिगड़ने पर उसे एक दलाल निजी वाहन से दिल्ली के अस्पताल ले गया था, जहां उसकी मौत होने की आशंका है।
जेल गए दलाल शिवम अग्रवाल के मोबाइल पर मिली उसी समय की रिकार्डिंग में भी दूसरा दलाल प्रयागराज का नवीन पांडेय ट्रांसप्लांट कराने वाली महिला की मौत की जानकारी देते सुनाई दे रहा है। पुलिस अब मेडीलाइफ अस्पताल के अन्य दोनों साझेदारों सौरिख के संदीप, औरैया के नरेंद्र व प्रयागराज के दलाल नवीन पांडेय समेत आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है। नवीन लगभग पांच साल से आरोपित डा. रोहित से जुड़ा है। अब पुलिस सोमवार को शिवम का कस्टडी रिमांड लेने के लिए आवेदन कर सकती है। वहीं, मामले में 50 से ज्यादा निजी अस्पताल भी जांच के घेरे में हैं।
किडनी रैकेट से जुड़ा माला 30 मार्च को सामने आया था। केशवपुरम के आहूजा अस्पताल में मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। बिहार के बेगूसराय के आयुष ने दलालों के माध्यम से अपनी किडनी बेची थी। आयुष को तय रकम छह लाख के स्थान पर केवल साढ़े तीन लाख रुपये मिले थे। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि अब तक जांच में सबसे बड़ी बात ये है कि ये ट्रांसप्लांट किसी विशेषज्ञ डाक्टरों ने नहीं बल्कि ओटी टेक्नीशियन की टीम ने किया था। ये किडनी ट्रांसप्लांट गाजियाबाद के शांति गोपाल हास्पिटल के ओटी इंचार्ज कुलदीप सिंह व नोएडा के सर्वोदय हास्पिटल के ओटी मैनेजर राजेश ने तीसरे सहयोगी दिल्ली के उत्तम नगर के ओटी मैनेजर मुद्दसर अली सिद्दकी उर्फ अली ने पांच अन्य अन्य लोगों के साथ मिलकर किया था।
पुलिस अब तक आहूजा अस्पताल के संचालक डा. सुरजीत कुमार आहूजा, उनकी पत्नी आइएमए कानपुर शाखा की उपाध्यक्ष डा. प्रीति आहूजा समेत आठ आरोपितों को जेल भेज चुकी है। आरोपित राजेश ने पुलिस को बताया था कि वह दिसंबर 2025 में भी एक अस्पताल में महिला का किडनी ट्रांसप्लांट करने आए थ। पुलिस उसे लेकर गई तो वह अस्पताल केशवपुरम स्थित मेडीलाइफ अस्पताल निकला, जिसे सीएमओ तीन माह पहले सील कर चुके हैं। डीसीपी ने बताया कि अस्पताल के तीन साझेदार संचालक हैं।
वहीं, पुलिस की जांच में ये भी आया कि पारुल व आयुष को मेरठ के डा. अफजाल अहमद के कहने पर परवेज नाम का कार चालक शहर लेकर आया था। परवेज को ट्रैवल एजेंसी संचालक अंकित ने अफजाल के कहने पर भेजा था। आहूजा अस्पताल ले जाने के बाद परवेज कल्याणपुर के सत्यम होटल में भी रुका था। इससे पहले वह डा. अफजाल में तीन बार आहूजा व मेडीलाइफ अस्पताल में ले जा चुका है।पुलिस की आठ टीमें डा. अफजाल, डा. रोहित, डा. वैभव, डा. अमित, मेडीलाइन अस्पताल के दो साझेदार व दलाल नवीन समेत गिरोह के सदस्यों की तलाश में जुटी है। वहीं, पुलिस टेलीग्राम ग्रुप में 643 लोगों को जोड़कर अवैध ढंग से किडनी-खरीद बिक्री व ट्रांसप्लांट के मामले में भी ग्रुप के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
...तुम जानते नहीं हो रोहित और शिवम क्या चीज हैं 22 लाख क्या करोड़ों रुपये दे सकते हैं
डीसीपी पश्चिम ने बताया कि शिवम के मोबाइल पर कई रिकार्डिंग व वाट्सएप चैट मिली हैं, जिसमें एक रिकार्डिंग में शिवम से नवीन कह रहा है कि तुमको पता है कि तुम्हारा नाम लेकर साहिल ने एक मरीज से 22 लाख ले लिए हैं। इस पर शिवम उससे कहता है कि उसको पता नहीं है कि शिवम और रोहित क्या चीज हैंं। ऐसे करोड़ों रुपये हम दे सकते हैं।
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