कानपुर देहात: 400 करोड़ के पावर प्लांट जमीन घोटाले में SIT जांच शुरू, तत्कालीन एडीएम पर दर्ज है FIR
कानपुर देहात में 400 करोड़ रुपये के पावर प्लांट जमीन घोटाले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित एसआईटी ने काम शुरू कर दिया है। टीम ने बुधवार को स ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। लगभग 400 करोड़ रुपये के पावर प्लांट जमीन घोटाले के मामले में पुलिस अधीक्षक की ओर से गठित की गई पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने बुधवार को जांच शुरू कर दी। टीम ने शाम को स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों से पूछताछ की।
अब पुलिस कागजात व पूरी प्रक्रिया की पड़ताल करेगी। चपरघटा में 2011 में थर्मल पावर प्लांट लगाने के बजाय हरियाणा के गुरुग्राम औद्योगिक क्षेत्र में स्थित हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी व उसकी सहयोगी कंपनी लैंको अनपरा पावर लिमिटेड ने 2332 एकड़ जमीन पर 1500 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इसके बाद स्वयं को दिवालिया घोषित कर दिया।
बाद में बैंकों ने जमीन नीलाम कर 1100 करोड़ रुपये वसूल लिए। आरोप है कि बाकी 400 करोड़ रुपये कंपनियों ने हड़प लिए। इसके साथ ऋण राशि लेकर भी कोई काम नहीं करने का आरोप भी है। बाद में कंपनियों के अपने कार्यालय हैदराबाद व सोनभद्र में ले जाने की बात कही जा रही है।
मामले में शुरू से ही खेल कर नियम को धता बताया जाता रहा पर संबंधित अफसरों से लेकर और किसी ने ध्यान नहीं दिया। मामले में भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह ने तत्कालीन एडीएम भूमि-अध्याप्ति कानपुर नगर ओके सिंह, दोनों कंपनियों के अधिकारियों व कर्मियों, केनरा, पंजाब नेशनल बैंक व आइडीबीआइ बैंक की गुरुग्राम स्थित शाखाओं के कर्मियों व अधिकारियों पर मूसानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
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इसके बाद एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने एसआइटी गठित की थी। एसआइटी टीम ने चपरघटा व आसपास गांव में भूमि को देखा। इस दौरान कुछ किसानों से भी बात कर जानकारी ली, जिनकी भूमि अधिग्रहित की गई थी।
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