कानपुर देहात के शिवली चेयरमैन पर जमीन कब्जे का आरोप, पुलिस ने कुर्क की जमीन
कानपुर देहात के शिवली चेयरमैन अवधेश शुक्ला पर ढाकन में जमीन कब्जाने का आरोप लगा है। एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने विवादित जमीन कुर्क कर अपनी सुपुर्दगी मे ...और पढ़ें

जमीन पर कुर्क करने का पुलिस का लगा बोर्ड। जागरण
जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। शिवली के ढाकन में जमीन पर कब्जे का आरोप शिवली चेयरमैन पर लगा है। इसे लेकर इंटरनेट मीडिया में भी मामला काफी गर्म रहा।पुलिस ने विवाद बढ़ता देख एसडीएम के आदेश पर जमीन को कुर्क कर पुलिस की सिपुर्दगी में दिया है व बोर्ड भी लगा दिया गया। चेयरमैन ने कब्जे का आरोप गलत बता उनको फंसाने का आरोप लगाया है। वहीं इंटरनेट मीडिया में जमीन कब्जे का मामला उछालने वाले हैंडल पर पुलिस ने भ्रामक व आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा अकबरपुर थाने में मुकदमा कराया है।
शिवली की ग्राम सभा ढाकन शिवली के मजरा धनऊ नेवादा निवासिनी मधु शर्मा पत्नी स्वर्गीय राघवेंद्र शर्मा द्वारा एसडीएम मैथा सत्यनारायण शुक्ला व पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि उसने ग्राम सभा ढाकन शिवली में जमीन खरीदी थी। खरीदी हुई जमीन पर वर्ष 2020 में बाउंड्रीवाल बनवाई थी। इसी दौरान उसके पति राघवेंद्र शर्मा कैंसर की बीमारी से ग्रसित हो गए थे जिनका चार वर्षो तक लगातार इलाज चलता रहा तथा उपचार के दौरान ही 12 अक्टूबर 2025 को उनके पति राघवेंद्र शर्मा की मौत हो गई थी।
पति की मौत के बाद वह भी शारीरिक रूप से अस्वस्थ रहने लगी है। इस समय उसका उपचार संजय गांधी अस्पताल में चल रहा है। इसी मौके का फायदा उठाकर गुरुवार की रात शिवली नगर पंचायत चेयरमैन अवधेश शुक्ला ने अपने साथियों संग मिलकर बाउंड्री तोड़ दी व कब्जा कर लिया।वहीं एक फौजी बलराम सिंह ने भी अपनी जमीन पर कब्जे का आरोप चेयरमैन पर लगा शिकायत की।
वहीं इंटरनेट मीडिया पर कई एकाउंट ने जमीन कब्जे के मामले को उठाया। एसडीएम मैथा के आदेश पर राजस्व कर्मियों द्वारा शिवली कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह की मौजूदगी में विवादित स्थल की जांच कर उसे कुर्क कर पुलिस को सिपुर्दगी सौंप दिया है।
खबरें और भी
चेयरमैन अवधेश शुक्ला ने बताया कि जमीन उन्होंने खरीदी थी, कब्जे का आरोप पूरी तरह से गलत है, राजनैतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा। शिवली कोतवाल ने बताया कि विवादित स्थल पर बोर्ड लगा उसे कुर्क करते हुए उसे कब्जे में ले लिया गया है। अग्रिम आदेश मिलने तक यथास्थिति बरकरार रखी जाएगी।