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    यूपी में समय से मीटर रीडिंग न होने से उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा लाभ, गलत बिल आने से परेशान हो रहे लोग

    Updated: Fri, 27 Feb 2026 03:24 PM (IST)

    कुशीनगर में उपभोक्ता समय पर मीटर रीडिंग न होने, गलत बिल आने और बिल न मिलने से परेशान हैं। स्वीकृत 24 के मुकाबले केवल 10 मीटर रीडर होने से यह समस्या गं ...और पढ़ें

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    मीटर रीडिंग न होने पर उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा लाभ।

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    संवाद सूत्र, खानगी बाजार। विद्युत उपकेंद्र दुदही के उपभोक्ताओं का समय से मीटर रीडिंग न किए जाने, बिल न प्राप्त होने व गलत बिल आने से उपभोक्ता परेशान हैं। इसकी वजह से उन्हें विभाग द्वारा चलाए जा रहे योजना का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ता विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के पीछे चक्कर लगाने को मजबूर है।

    उपकेंद्र में कुल पांच फीडर क्रमशः दुदही 3800 उपभोक्ता, ठाड़ीभार में 4500, गोडरिया में 8000, बरवापट्टी में 6000 व विशुनपुरा में 8200 उपभोक्ता पंजीकृत है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रतिमाह 30500 उपभोक्ताओं का बिल लगभग 90 लाख रुपये होता है। इसके सापेक्ष 35 लाख रुपये बिल जमा होता है। जबकि तकरीबन 55 लाख रुपये बिल प्रतिमाह बकाया रह जाता है। उपभोक्ताओं पर 42 करोड़ रुपये अवशेष है।

    संविदा कर्मियों को बिलिंग करने की जिम्मेदारी

    बिजली बिल के बकाया धनराशि को वसूलने के लिए निजी कंपनी के जरिए संविदा कर्मियों को उपभोक्ताओं के घर जाकर मीटर के अनुरूप बिलिंग करने की जिम्मेदारी है। उपकेंद्र में 24 मीटर रीडर का पद स्वीकृत है। इसके सापेक्ष महज 10 मीटर रीडरों के भरोसे मीटर रीडिंग का जिम्मा है।

    उपभोक्ता प्रमोद कुमार, मंजीत यादव, सुनील कुमार, संजीव, अमित यादव, कल्पनाथ, इमामुद्दीन, राजेश, अशोक, राकेश, किशोर जयकिशन, बंटी आदि ने बताया कि मीटर रीडर उपभोक्ता के घरों में लगे मीटर तक पहुंचने के बजाय एक जगह बैठकर कार्य करते हैं तो सैकडों में आने वाला बिल हजारों व हजारों का बिल लाखों में आता है। पीड़ित बिल सुधार कराने हेतु इनका चक्कर लगाने को मजबूर रहता है।

    विभाग बकाएदारों की सहूलियत के लिए योजना चला रहा है। इस योजना में एकमुश्त जमा करने की बजाय उपभोक्ता ईएमआई (किस्त) पर भी अपना बिल बिना ब्याज के जमा कर सकते है। इसमें अगर किसी को किसी प्रकार की दिक्कत आ रही है तो वह कार्यालय के समय पर मिलकर अपनी समस्या का समाधान करवा सकता है। -गौरव वर्मा, एसडीओ दुदही।

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