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    खड्डा विधायक विवेकानंद का रिपोर्ट कार्ड: सड़कें बनीं, स्वास्थ्य सुधरा, पर दियारा की चुनौतियां बरकरार

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 12:49 AM (IST)

    कुशीनगर के खड्डा विधानसभा क्षेत्र में विधायक के विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया गया है, जिसमें सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रगति दि ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. विधायक ने सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं में महत्वपूर्ण कार्य किए।

    2. दियारा क्षेत्र में विकास अभी भी अधूरा, बाढ़-कटान बड़ी समस्या।

    3. छितौनी रेल परियोजना और चीनी मिल का बंद होना चिंता का विषय।

    अजय कुमार शुक्ल, कुशीनगर। विधानसभा क्षेत्र खड्डा की सियासत में ‘विकास’ का ढोल भले ही जोर-शोर से पीटा जा रहा हो, लेकिन धरातल की सच्चाई आज भी दो पाटों के बीच पिस रही है। आधी उम्मीदें पूरी हुई हैं तो आधी अटकी हुई हैं।

    कागजों पर दौड़ती विकास की गाड़ियों और सड़कों के जाल ने निश्चित रूप से क्षेत्र की तस्वीर बदलने का प्रयास किया है, लेकिन जब बात बुनियादी सवालों और ‘दियारा’ (नदी के दोआब में आबाद क्षेत्र) की आती है, तो यह पूरी विकास गाथा बेरंग और अधूरी नजर आती है। विधायक ने विकास का रंग भरने को लेकर पूरा दम दिखाया है, लेकिन दियारा अब भी बदरंग है।

    साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में विधायक ने विकास को गति देते हुए नेबुआं-जटहां मार्ग, पनियहवा-खड्डा मार्ग, पकडियार-लक्ष्मीगंज मार्ग, सेखुई से बेलवा और बंजारीपट्टी से चंदागुलर मार्ग देकर तक सड़कों की बदहाली दूर करने का मजबूत रिपोर्ट कार्ड पेश किया है।

    स्वास्थ्य के क्षेत्र में तुर्कहा सीएचसी में 50 बेड का अस्पताल, बरवारतनपुर व भूमिहारीपट्टी में नए सीएचसी और नौरंगिया व कटाई भरपुरवा में नए पीएचसी के प्रस्तावों से उम्मीदें जरूर जगी हैं। 

    एक नजर में विधानसभा

    • खड्डा में कुल मतदाता 301662
    • पुरुष मतदाता-164716
    • महिला मतदाता- 136932

    पेयजल के लिए 200 से अधिक स्थानों पर आरओ प्लांट और कौआसार व कुर्मी पट्टी में बिजली घर के ढांचे, विकास की रफ्तार दिखाने की कोशिश करते हैं। सबसे बड़ा दांव दियारा के 14 गांवों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 716 करोड़ रुपये की लागत से पक्के पुल के निर्माण की कैबिनेट स्वीकृति को बताया जा रहा है।

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    कागजी उपलब्धि के तौर पर यह बेहद बड़ा आंकड़ा है, लेकिन सवाल यह है कि दियारा के लोगों की ज़िंदगी में इस कागज़ी मंजूरी का कितना उजाला पहुंचा। दूसरी ओर अधर में लटकी छितौनी रेल परियोजना है। धन आवंटन के बावजूद छितौनी रेल परियोजना पर लगा ब्रेक बड़ा सवालिया निशान है। आखिर बजट मंजूर होने के बाद भी काम क्यों रुका है।

    छितौनी मिल का ढांचा आज भी बंद

    चुनावी मंचों से बंद छितौनी मिल को दोबारा चालू करने के लंबे-चौड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज भी मिल का बंद ढांचा वादाखिलाफी का सबूत बनकर खड़ा है। दियारा का स्थायी दंश विकास के खुशनुमा रंग को बदरंग करता है। हर वर्ष दियारा के हजारों लोग बाढ़ और कटान का दंश झेलते हैं।

    स्थायी समाधान के वादे सिर्फ कागजी फाइलों तक सिमटकर रह गए हैं। क्षेत्र में उच्च शिक्षा की पर्याप्त व्यवस्था न होना और बेजुबान पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सालयों की घोर कमी यह साबित करती है कि विकास का दायरा उस फलक तक नहीं पहुंचा, जिसको वादों के रूप में दिखाया गया था।

    विधायक की जुबानी

    आजादी के बाद से ही उपेक्षित और ख़ानाबदोश जीवन बिताने वाले दियारावासियों के लिए पक्के पुल की स्वीकृति होना सबसे अधिक संतोष देने वाला ऐतिहासिक कार्य हुआ है। इसके अतिरिक्त सीएचसी में 50 बेड की सुविधा, कौआसार में बिजली घर, क्षेत्र में सड़कों के बेहतर नेटवर्क बनाया गया हैं। तकनीकी कारणों से छितौनी चीनी मिल न शुरु करा पाना मुझे निराश करता है, किसानों के लिए मंडी, युवाओं के लिए स्टेडियम, रोडवेज बस स्टेशन, दो सीएचसी व दो पीएचसी की स्वीकृति मिलना बड़ी राहत देने वाला है। मैंने पूरी ईमानदारी व निष्ठा से विकास कार्यों को लेकर कार्य किया है, जिससे विधानसभा क्षेत्र के पिछड़ेपन की तस्वीर अब बदल चुकी है। क्षेत्र विकास की तेज दौड़ लगा रहा है, इसमें सरकार का भरपूर सहयोग भी मिला है। मैंने जनता से किए गए उस हर वादे को पूरा करने का कार्य किया है, जो आमजन के हित से जुड़ा है।

    -विवेकानंद पांडेय, विधायक

     प्रतिद्वंदी बोले-

    विकास के नाम पर केवल वादों और घोषणाओं का जाल ही फेंका गया है, उससे विकास की एक मछली तक नहीं पकड़ी जा सकी है। केवल सड़क बन जाने से विकास नहीं हो जाता। जब तक अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास नहीं पहुंचता, पूरी बात बेमानी होती है। विधायक और उनकी सरकार किसान, नौजवान, व्यापारी व रोजगार सभी मुद्दों पर पूरी तरह से फेल हैं। वाद के बाद भी बंद छितौनी मिल अब तक नहीं चली। छितौनी रेल परियोजना के नाम पर झुनझुना देने का कार्य किया गया है। विकास के नाम पर आमजन को केवल छला गया है।

    -विजय प्रताप कुशवाहा, मुख्य प्रतिद्वंद्वी

     जनता की राय

    विधायक किसान परिवार से आते हैं, इसलिए किसानों की चिंता करते हैं। समय पर फसल के लिए आवश्यक सभी बातों के लिए प्रयास करते नजर आते हैं। किसानों की हित बात करने के साथ उस पर अमल करना, हमें राहत देता है। वह व्यवहार कुशल भी हैं।

    -अतुल तिवारी, किसान

     

    विधायक चिकित्सा क्षेत्र में आने वाली समस्याओं को लेकर चिंतित और संजीदा रहे हैं। इससे जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए तत्पर भी रहते हैं। आमजन की बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए भी उनकी पूरी प्रतिबद्धता दिखती है। स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है, इसका लाभ मिलेगा।

    -जितेंद्र यादव, चिकित्सक

     

    क्षेत्र में सड़क, पुल और तटबंध से जुड़े कार्यों में प्रगति दिखाई दी है। विधायक ने क्षेत्र की कई पुरानी मांगों को शासन स्तर पर उठाया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर काम हुआ है, लेकिन अभी भी और प्रभावी प्रयास की आवश्यकता बनी हुई है।

    -नत्थू शर्मा, अधिवक्ता

     

    आधारभूत ढांचे के विकास से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिली है। सड़क संपर्क बेहतर होने से आवागमन और कारोबार में सुविधा बढ़ी है। बाजारों के आधुनिकीकरण, औद्योगिक निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजन की आवश्यकता है। बंद छितौनी चीनी मिल चलती तो औद्योगिक विकास हो।

    -प्रवीण डालमिया, व्यवसायी