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गंगा एक्सप्रेसवे में तकनीकी खामी का खुलासा, बिजली लाइन ऊपर उठाने की बजाय तीन मीटर नीचे किया गया रैंप का स्तर

Published: Tue, 29 Sep 2026 02:45 AM (IST)

गंगा एक्सप्रेसवे पर 132 केवी बिजली लाइन और कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के रैंप में तकनीकी खामी सामने आई है। बिजली ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. गंगा एक्सप्रेसवे रैंप में 132 केवी बिजली लाइन के पास तकनीकी खामी।

  2. बिजली लाइन ऊपर करने की बजाय रैंप का स्तर तीन मीटर घटाया गया।

  3. राज्य परिवर्तन आयोग की जांच में खुलासा, जलभराव और निकासी प्रभावित।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे पर 132 केवी की बिजली लाइन और कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करने के लिए बनाए गए रैंप में तकनीकी खामी सामने आई है। निर्धारित मानकों के अनुसार बिजली की लाइन और रैंप को ऊपर उठाया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने बिजली की लाइन ऊपर उठाने की बजाय रैंप का स्तर करीब तीन मीटर नीचे कर दिया। इससे रैंप पर वर्षा का पानी एकत्र होने लगा। इसका राजफाश राज्य परिवर्तन आयोग की जांच में हुआ है।

राज्य परिवर्तन आयोग की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण किए जाने के बाद स्वतंत्र अभियंत्रण कंपनी और ठेकेदार को चेतावनी दी गई है। निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि रैंप का स्तर समुद्र तल के हिसाब से करीब 127 मीटर होना चाहिए था, लेकिन इसे करीब 124 मीटर पर बनाया गया। रैंप का स्तर नीचे किए जाने से सड़क और विद्युत लाइन के बीच निर्धारित दूरी के मानक को पूरा कर दिया गया, लेकिन इससे सड़क बनावट और जल निकासी प्रभावित हो गई।

इतना ही नहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्धारित स्तर से भी रैंप का स्तर नीचे चला गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों के मुताबिक रैंप की डिजाइन और ड्राइंग को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी स्वतंत्र अभियंत्रण कंपनी की थी। डिजाइन में बदलाव की जानकारी यूपीडा को नहीं दी गई थी।

इस मामले में राज्य परिवर्तन आयोग के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस बात की भी जांच की जाएगी कि रैंप के डिजाइन में बदलाव की जानकारी यूपीडा को क्यों नहीं दी गई। वहीं, रैंप को निर्धारित स्तर पर लाने में होने वाला खर्च स्वतंत्र अभियंत्रण कंपनी को उठाना होगा।

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