लखनऊ अग्निकांड वाले अवैध कॉम्प्लेक्स से सामान बाहर निकलना शुरू, 25 के बाद चलेगा LDA का बुलडोजर
लखनऊ के अलीगंज में आग लगने वाले अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, जिसके मालिकों ने अभी तक एलडीए के आदेश के खिलाफ ...और पढ़ें
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HighLights
अलीगंज के अवैध कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू।
मालिकों ने एलडीए ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ अपील नहीं की।
जले हुए कॉम्प्लेक्स से लोग अपना सामान निकाल रहे हैं।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। अलीगंज के जिस अवैध व्यावसायिक कांप्लेक्स में 22 जून को आग लगने से 15 युवाओं की मौत हो गई थी, उसे ध्वस्तीकरण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। एलडीए के ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध अब तक आरोपी वीरेंद्र शुक्ल और सुरेंद्र शुक्ल ने मंडलायुक्त कोर्ट में अपील नहीं की है। इस बीच जल चुके अवैध कांप्लेक्स के शोरूम से लोगों ने अपना सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया है।
उधर वीरेंद्र शुक्ल के अलीगंज के ही दूसरे अवैध व्यावसायिक कांप्लेक्स को दी गई नोटिस की मियाद भी पूरी हो गई है। इस कांप्लेक्स के ध्वस्तीकरण के आदेश भी विहित न्यायालय जारी कर सकता है। हालांकि अलीगंज अग्निकांड में पहले नोटिस तामील कराने और फिर ध्वस्तीकरण आदेश के बाद 15 दिन का समय दिये जाने को लेकर विहित अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
लग गए चार अतिरिक्त दिन
अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए ने 23 जून को नोटिस चस्पा की थी। नोटिस में 15 दिन का समय स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध कराने के लिए दिया गया था। गिरफ्तार वीरेंद्र शुक्ल को जेल में ही नोटिस भेजकर उसे तामील कराया गया था। सात जुलाई को यह मियाद पूरी हो गई लेकिन विहित न्यायालय को ध्वस्तीकरण आदेश जारी करने में चार अतिरिक्त दिन लग गए।
विहित न्यायालय ने 10 जुलाई को ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। हालांकि जानकार बताते हैँ कि नोटिस देकर स्वीकृत मानचित्र के लिए 15 दिन का इंतजार के बाद भी दस्तावेज नहीं दिए गए। इसे लापरवाही मानते हुए सात को ही ध्वस्तीकरण के आदेश दिए जा सकते थे। चार दिन की देरी के बाद 15 दिन का समय स्वयं अवैध निर्माण को गिराने के लिए दिया गया है।
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एलडीए यह समय न देकर स्वयं भी ध्वस्तीकरण कर सकता है। हालांकि वीरेंद्र शुक्ल और सुरेंद्र शुक्ल की ओर से अब तक मंडलायुक्त कोर्ट में एलडीए के ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध अपील नहीं हुई है। इस बीच कांप्लेक्स में रखा सामान बाहर निकलने लगा है।