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    किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी परिसर की छह मजारें लावारिस घोषित, जून के पहले सप्ताह में होगी कार्रवाई

    By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Fri, 29 May 2026 07:34 PM (IST)

    Mazars in KGMU Lucknow: छह मजारों को औपचारिक रूप से लावारिस घोषित करने के साथ ही लखनऊ जिला प्रशासन से इनको हटाने की कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया ...और पढ़ें

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     किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में छह मजारों का प्रकरण

    HighLights

    1. केजीएमयू में थीं आठ मजारें, छह अवैध के खिलाफ होगी कार्रवाई

    2. केजीएमयू के रजिस्ट्रार ने लखनऊ जिला प्रशासन को भेजा पत्र

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश और विदेश में अलग पहचान बनाने वाली किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में बीते कई महीने से चल रहा छह मजारों का प्रकरण अब पटाक्षेप की ओर है। केजीएमयू प्रशासन ने परिसर में वर्षों से बनी छह मजारों को औपचारिक रूप से लावारिस घोषित करने के साथ ही लखनऊ जिला प्रशासन से इनको हटाने की कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया है। माना जा रहा है बकरीद के बाद अब इनको हटाने का काम होगा।

    किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन इनको हटाने 15 दिन की अंतिम मोहलत पूरी होने के बाद अब आठ में से दो को छोड़कर छह को की तैयारी में जुट गया है। रजिस्ट्रार को भेजी गई रिपोर्ट में छह मजारों को शिफ्ट करने की संस्तुति दे दी गई है और जिला प्रशासन से पुलिस बल की मांग भी की गई है।

    केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपनाई गई। जिन लोगों ने इन पर दावा ठोंका था, उनसे कागजात मांगे गए थे, लेकिन दो को छोड़कर अन्य सभी मजारे लावारिस हैं। उन्होंने कहा कि हम भी बकरीद तक रुके थे, अब सभी छह मजारों को लावारिस मानते हुए हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केजीएमयू प्रशासन ने तीन बार सार्वजनिक नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों को वैध दस्तावेज पेश करने का पर्याप्त अवसर दिया। दो मजार के प्रबंधक को छोड़कर किसी ने कोई जवाब दाखिल नहीं किया। अन्य के प्रबंधक कोई ठोस दस्तावेजी सबूत नहीं दे सके।

    बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

    केजीएमयू प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम से उत्तर प्रदेश सरकार को अवगत कराते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में शिफ्टिंग की अनुमति मांगी है। अप्रैल माह में ही इन मजारों को अवैध घोषित कर हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जो अब अंतिम दौर में पहुँच गई है। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि मजारें हटाने के दौरान कोई व्यक्ति बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस बल की उपलब्धता के अनुसार जल्द ही इन मजारों को कब्रिस्तान में स्थानांतरित करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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    दो प्राचीन मजारें रहेंगी अछूती

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में स्थित दो प्राचीन एवं विधिवत मान्यता प्राप्त मजारों को इस कार्रवाई से पूरी तरह बाहर रखा गया है। यह कदम केवल उन्हीं ढांचों तक सीमित है जो बिना किसी कानूनी आधार के बने पाए गए और जिनकी देखरेख का कोई जिम्मेदार सामने नहीं आया।