बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने बढ़ाई यूपी के किसानों की चिंता, आम और गेहूं की फसल पर संकट
मलिहाबाद में अचानक बदले मौसम ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से तैयार खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है, जि ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मलिहाबाद (लखनऊ)। क्षेत्र में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों और बागवानों की रातों की नींद उड़ा दी है। शनिवार को हुई तेज हवाओं के साथ बारिश ने जहाँ एक ओर तैयार खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में लिया है वहीं दशहरी आम पर भी बर्बादी के बादल मंडराने लगे हैं।
आम की फसल पर दोहरी मार
विशेषज्ञों और बागवानों के अनुसार आम की फसल के लिए इस समय तपिश और गर्म मौसम की नितांत आवश्यकता है। लेकिन अचानक हुई बारिश ने वातावरण में ठंडक पैदा कर दी है जिससे नमी और ठंडक के कारण आम के टिकोलों में कालापन आने की प्रबल संभावना है।
अचानक बदले तापमान से फसल में भुनगा और रुजी जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है जो पैदावार को भारी नुकसान पहुँचा सकते हैं।गेहूं की मेहनत पर फिरा पानी किसान अपनी दिन-रात की मेहनत के बाद गेहूं की कटाई की पूरी तैयारी कर चुके थे।
वे बस आसमान साफ होने और धूप खिलने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रकृति के बदले रुख ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गेहूं की बालियां भीग जाने से दाना काला पड़ने का डर है जिससे बाजार में उचित दाम मिलना मुश्किल होगा। खेतों में पानी भरने और नमी के कारण खड़ी फसल में सड़न पैदा होने की भी आशंका जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि अगर मौसम जल्द ही सामान्य नहीं हुआ तो साल भर की जमा-पूंजी और मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी। फिलहाल, बागवान और किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं कि शायद मौसम करवट ले और उनकी बची हुई फसल सुरक्षित रह सके।
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