वो 33 सवाल जो जनगणना टीम आपसे पूछेगी? घर पर कोई आए तो सबसे पहले चेक करें ये खास कोड
उत्तर प्रदेश में जनगणना का सबसे बड़ा अभियान शुरू हो गया है, जिसमें गणनाकर्मी घर-घर जाकर परिवार, मकान और सुविधाओं से जुड़ी 33 सवालों की जानकारी जुटाएंग ...और पढ़ें

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HighLights
उत्तर प्रदेश में आज से जनगणना का बड़ा अभियान शुरू।
घर-घर जाकर मकान और सुविधाओं पर 33 सवाल पूछे जाएंगे।
प्रदेश में 48 लाख से अधिक लोगों ने की स्वगणना।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में जनगणना का सबसे बड़ा अभियान शुरू है। अब गणनाकर्मी हर घर की दस्तक देकर परिवार, मकान, सुविधाओं और रोजमर्रा से जुड़ी जानकारी जुटाएंगे। मकान की छत और दीवार से लेकर घर में मोबाइल, इंटरनेट, वाहन और रसोई गैस तक कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे।
पहली बार लोगों को खुद जानकारी भरने की सुविधा दी गई थी, जिसमें प्रदेश के 48 लाख से अधिक लोगों ने स्वगणना पूरी की है। अब 22 मई से 20 जून तक चलने वाले पहले चरण में 5.25 लाख अधिकारी और कर्मचारी प्रदेशभर में घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे।
प्रदेश में जनगणना के लिए 782 नगरीय निकाय, 350 तहसीलों और 1.04 लाख गांवों में व्यवस्था की गई है। इसके लिए 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लाक बनाए गए हैं। हर गणनाकर्मी को लगभग 800 आबादी या 180 से 200 मकानों की गणना करनी होगी।
जनगणना के दौरान भवन संख्या, मकान की स्थिति, कमरों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस, खाना बनाने का ईंधन, मोबाइल, स्मार्टफोन, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर, वाहन और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी। जिन लोगों ने पहले ही स्वगणना पूरी कर ली है, वे गणनाकर्मी को अपना एसई नंबर दिखा सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार का ओटीपी साझा नहीं करना होगा।
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गणनाकर्मी की पहचान कैसे?
गणनाकर्मी की पहचान क्यूआर कोड वाले परिचय पत्र से की जा सकेगी। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए गणनाकर्मियों को सुबह आठ बजे से पहले और शाम चार बजे के बाद घरों में जाने की सलाह दी गई है। पहले चरण में जाति से जुड़ी जानकारी नहीं ली जाएगी। अगले वर्ष फरवरी में शुरू होने वाले दूसरे चरण में जातिगत और व्यक्तिगत जानकारी दर्ज की जाएगी।
स्वगणना में शाहजहांपुर सबसे आगे
गुरुवार शाम तक प्रदेश में स्वगणना करने वालों में शाहजहांपुर सबसे आगे रहा, जहां 2.96 लाख लोगों ने स्वगणना पूरी की। इसके बाद आजमगढ़ में 2,78,134, बरेली में 2,71,978, मुरादाबाद में 2,32,393, सोनभद्र में 1,61,174 ने स्वगणना की है। जबकि सबसे कम स्वगणना करने वाले जिलों में कौशांबी में 13,666, हमीरपुर में 15,595, संतकबीरनगर में 16, 155, जालौन में 17,068 लोगों ने स्वगणना पूरी की है। लखनऊ में 98,331 लोगों ने स्वगणना की है।
ये हैं वो सवाल जो आपसे पूछे जाएंगे
- भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर)
- जनगणना मकान नंबर
- जनगणना मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
- जनगणना मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
- जनगणना मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
- जनगणना मकान के उपयोग
- जनगणना मकान की हालत
- परिवार क्रमांक
- परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
- परिवार के मुखिया का नाम
- परिवार के मुखिया का लिंग
- क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/ अन्य से संबंधित है
- मकान के स्वामित्व की स्थिति
- परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
- परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या
- पेयजल का मुख्य स्रोत
- पेयजल स्रोत की उपलब्धता
- प्रकाश का मुख्य स्रोत
- शौचालय की सुलभता
- शौचालय का प्रकार
- गंदे पानी की निकासी
- स्नानगृह की उपलब्धता
- रसोईघर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता
- खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन
- रेडियो/ट्रांजिस्टर
- टेलीविजन
- इंटरनेट सुविधा
- लैपटॉप/कंप्यूटर
- टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन
- साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड
- कार/जीप/वैन
- परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज
- मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संसूचना के लिए)
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