यूपी में प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड से केला पकाने के 25 केंद्र बंद, 132 को थमाया नोटिस
खाद्य सुरक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड से केले पकाने वाले 25 केंद्रों को बंद कर दिया ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
25 केंद्र बिना लाइसेंस और प्रतिबंधित रसायन उपयोग पर बंद।
132 राइपनिंग केंद्रों को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी।
जांच हेतु 20 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए, 5 क्विंटल केले नष्ट।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड और उससे निकलने वाली एसिटिलीन गैस से बड़े पैमाने पर केला पकाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित 25 राइपनिंग चैंबर (केले पकाने वाले केंद्र) पकड़े गए हैं। इन सभी केंद्रों को बंद करा दिया गया है जबकि नियमों के उल्लंघन पर 132 से अधिक केंद्रों को नोटिस दी गई है। जांच के लिए 20 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई भी होगी।
एफएसडीए के विशेष दलों ने बुधवार को 311 राइपनिंग चैंबरों का निरीक्षण, जिसमें रसायनों के जरिए केला पकाने को पकड़ा गया। संयुक्त खाद्य आयुक्त हरिशंकर सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान राइपनिंग चैंबरों में साफ-सफाई, फलों के रखरखाव और ट्रे की स्वच्छता की भी जांच की गई।
25 केंद्रों के विरुद्ध कार्रवाई
कई केंद्रों पर गंदगी और रखरखाव में लापरवाही जैसी कमियां भी सामने आईं। गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए 15 हजार रुपये से अधिक के पांच क्विंटल से ज्यादा केेले को नष्ट कराया गया। वैध खाद्य लाइसेंस के बिना संचालित मिले 25 केंद्रों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड या उससे निकलने वाली एसिटिलीन गैस का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। तय प्रक्रिया के तहत नियंत्रित परिस्थितियों में एथिलीन गैस का इस्तेमाल किया जा सकता है। संयुक्त खाद्य आयुक्त के अनुसार, जांच के दौरान कई केंद्रों पर कैल्शियम कार्बाइड जैसे मिले पदार्थ के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
