यूपी में फूड डिपार्टमेंट का बड़ा एक्शन, रेस्टोरेंट और होटलों में चल रहे हुक्का-बार लाइसेंस के नियम बदले
उत्तर प्रदेश में खाद्य विभाग ने हुक्का बार को खाद्य कारोबार लाइसेंस से हटाने का निर्देश दिया है। अभियान के ...और पढ़ें

HighLights
खाद्य कारोबार लाइसेंस में अब हुक्का बार चलाने की अनुमति नहीं।
73 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, 152 कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी।
अभियान का लक्ष्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार लाना।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। खाद्य कारोबार श्रेणी के लाइसेंस में अब हुक्का या हुक्का बार चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिन लाइसेंसों में पहले से हुक्का या हुक्का बार दर्ज है, उनमें एक पखवारे के भीतर संशोधन कर यह शब्द हटाया जाएगा। लाइसेंस में वही कारोबार दर्ज होगा, जो खाद्य कारोबार से संबंधित है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, शुद्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए सितंबर से चल रहे अभियान में कमियां मिलने पर 73 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 152 कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।
अभियान लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मुरादाबाद और बरेली सहित प्रदेश के कई जिलों में चल रहा है। इसके तहत फास्ट फूड चेन, रेस्टोरेंट चेन, सामान्य रेस्टोरेंट, स्टार होटल के रेस्टोरेंट और बेकरी की जांच की जा रही है।
लाइसेंस किया जाएगा रद्द
जांच में कई जगह चूहे और काकरोच जैसे कीड़े-मकौड़े मिलने के प्रमाण मिले। कुछ दुकानों में खाद्य सुरक्षा से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी नहीं मिले। कालातीत खाद्य सामग्री मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्हें चेतावनी दी गई है कि दोबारा कालातीत खाद्य सामग्री मिलने पर लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
अभियान में आनलाइन प्लेटफार्म पर बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों की जानकारी को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। ग्राहकों को फ्रोजन, प्री कुक्ड और पार्शियली कुक्ड फूड की स्पष्ट जानकारी देनी होगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डा. रोशन जैकब का कहना है कि खाद्य कारोबारी रोजाना अपनी तरफ से भी मानकों की जांच करें।
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अभियान का उद्देश्य प्रतिष्ठान बंद करना नहीं, बल्कि उनमें सुधार कराना है। अभियान के दौरान कमियां मिलने के बाद बीकानेरवाला, चंपारण मीट, क्लब जलवा, रेबेल फूड्स, टुंडे कबाबी, न्यू कृष्णा भोजनालय और ला पिनोज पिज्जा सहित कई प्रतिष्ठानों ने व्यवस्थाओं में सुधार किया। इसके बाद उनका निलंबन खत्म कर दिया गया है। हालांकि, दोबारा गलती नहीं करने का शपथ पत्र लिया गया है।
