उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रहरियों को अब मिलेगा 3500 रुपये मानदेय, सीएम योगी बरेली में करेंगे घोषणा
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रहरियों का मानदेय ₹2500 से बढ़ाकर ₹3500 प्रतिमाह कर दिया गया है, जिससे राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष ₹84 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

HighLights
ग्राम प्रहरियों का मानदेय ₹1000 बढ़ाया गया।
अब प्रतिमाह ₹3500 मानदेय मिलेगा ग्राम प्रहरियों को।
सरकार पर ₹84 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक भार पड़ेगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गांवों की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के सहयोगी ग्राम प्रहरियों के मानदेय में प्रतिमाह एक हजार रुपये की वृद्धि की गई है। अब उन्हें 2500 रुपये के स्थान पर 3500 रुपये मानदेय मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में 68 हजार ग्राम प्रहरियों के लिए घोषणा करते हुए सम्मानित करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सोमवार को अपर मुख्य सचिव, गृह संजय प्रसाद ने मानदेय बढ़ाए जाने का आदेश जारी कर दिया है।
प्रदेश में अब तक ग्राम प्रहरियों को प्रतिमाह 2500 रुपये मानदेय दिया जा रहा था। इसमें एक हजार रुपये की वृद्धि से उन्हें अब हर महीने 3500 रुपये मिलेंगे। यह वृद्धि मौजूदा मानदेय के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत है। मानदेय वृद्धि से राजकीय खजाने पर प्रतिवर्ष करीब 84 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ग्राम प्रहरियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गांवों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी स्थानीय थाने तक पहुंचाने के साथ वे पुलिस को समय पर सूचनाएं उपलब्ध कराने में भी मदद करते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शांति-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस की निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है।
लंबे समय से ग्राम प्रहरी मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार ने इससे पहले प्रांतीय रक्षा दल (पीआरडी) के जवानों के दैनिक भत्ते में वृद्धि की थी। होमगार्ड स्वयंसेवकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की जा चुकी है।
