Trending

    loading ads...
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी में बिना सहमति स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर हंगामा, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से की गई जांच कराने की मांग

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 05:30 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड मोड में स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से उच्च स्तरीय जांच ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। प्रदेश में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड मोड में मीटर लगाए जाने की केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

    उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और ऊर्जा क्षेत्र की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी कें सदस्य अवधेश वर्मा ने इसे केंद्रीय विद्युत अधिनियम-2003 का उल्लंघन मानते हुए शनिवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री व ऊर्जा सचिव को पत्र भेज जांच कराकर दोषी अधिकारियों-कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और नये कनेक्शन में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने की भी मांग की है।

    वर्मा ने विद्युत अधिनियम-2003 के प्रविधानों का प्रदेश में अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए बिना सहमति के प्रीपेड किए गए मीटर को पहले की तरह पोस्टपेड किए जाने के लिए भी केंद्रीय मंत्री को लिखा है।

    परिषद अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी होती रही तो प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा।

    वर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के स्पष्टीकरण के बाद साफ है कि प्रीपेड मोड में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं की सहमति जरूरी है लेकिन राज्य में बिजली कंपनियां विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन कर उपभोक्ताओं को विकल्प देने के बजाय उनकी सहमति के बिना ही प्रीपेड मोड में स्मार्ट मीटर लगा रही हैं।

    मंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में लगभग 3.8 करोड़ उपभोक्ताओं के मीटर बदले जा रहे हैं। इनमें से लगभग 70 लाख उपभोक्ताओं के मीटर बिना उनकी सहमति के प्रीपेड मोड में परिवर्तित कर दिए गए हैं जबकि यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है।

    जबरन प्रीपेड मोड में मीटर किए जाने से उपभोक्ताओं में रोष है। इस मामले को पहले भी केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के संज्ञान में लाया गया था लेकिन अब तक कुछ हुआ नहीं है।

    यह भी पढ़ें- यूपी में 10 लाख की 3940 डिब्बी नकली सिगरेट बरामद, तस्करी करने वाले दो गिरफ्तार