यूपी के स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र से लागू होगा नया नियम, बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश सरकार 2026-27 शैक्षिक सत्र से बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। ...और पढ़ें


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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए सरकार ने नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से विशेष अभियान तेज करने का फैसला किया है।
सरकार का उद्देश्य बच्चों की भाषा क्षमता, तार्किक सोच, संवाद कौशल और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मजबूत करना है। इसके लिए सभी स्कूलों में ‘रीडिंग आवर’, ‘समाचार-पत्र पठन’ और ‘ड्राप एवरीथिंग एंड रीड (डीईएआर)’ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास पर काम कर रही है।
नियमित पढ़ाई से बच्चों की भाषा और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होगी। स्कूल खुलने के बाद स्कूलों में लेखन प्रतियोगिता, पुस्तक समीक्षा और समाचार आधारित लेखन गतिविधियां भी कराई जाएंगी, ताकि छात्र-छात्राओं की अभिव्यक्ति क्षमता मजबूत हो सके।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी डायट प्राचार्यों, एडी बेसिक, बीएसए और बीईओ को निर्देश दिए हैं कि अभियान को गंभीरता से लागू कराया जाए। स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान समाचार वाचन भी कराया जाएगा और बच्चों को नियमित पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकार ने प्राथमिक स्तर पर ‘सुपर-20’ और उच्च प्राथमिक स्तर पर ‘सुपर-30’ रीडिंग चैलेंज को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। तय संख्या में पुस्तकें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।
साथ ही सबसे अधिक पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र-छात्रा को ‘चैंपियन रीडर आफ द इयर’ का पुरस्कार दिया जाएगा। विद्यार्थियों को कहानी लेखन, समीक्षा लेखन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि उनकी सोच, विश्लेषण क्षमता और आत्मविश्वास का विकास हो सके।
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