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नारायणी नदी से बहकर भारत पहुंचे 4 अज्ञात शव नेपाल को सौंपे गए, सभी का DNA सैंपल सुरक्षित

Updated: Mon, 31 Aug 2026 11:25 AM (IST)

महराजगंज में नारायणी नदी से बहकर भारतीय क्षेत्र में आए चार अज्ञात शवों को 72 घंटे तक पहचान का इंतजार ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, महराजगंज। नेपाल में 26 अगस्त को आई प्राकृतिक त्रासदी के बाद नारायणी नदी के तेज बहाव में बहकर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे चार शवों को रविवार रात नेपाल प्रहरी को सौंप दिया गया। इसके लिए भारत-नेपाल सीमा ठूठीबारी का मुख्य गेट रात करीब साढ़े 10 बजे खोला गया। चारों शवों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे। सीमा पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव नेपाल प्रहरी के सुपुर्द किए गए।

नारायणी नदी के रास्ते बहकर चारों शव 27 अगस्त को भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंचे थे। सूचना मिलने पर निचलौल पुलिस ने नदी किनारे से शवों को बरामद किया था। पहचान नहीं होने के कारण शवों को आवश्यक प्रक्रिया के तहत महराजगंज जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया था।

पुलिस और प्रशासन की ओर से शवों की पहचान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में पहचान नहीं हो सकी। शवों को सुरक्षित रखने के निर्धारित प्रोटोकाल के तहत 72 घंटे तक इंतजार किया गया। इसके बाद रविवार को चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।

72 घंटे तक किया गया इंतजार

पहचान नहीं होने के कारण भविष्य में पहचान की प्रक्रिया में सहायता के लिए सभी शवों की डीएनए सैंपलिंग भी कराई गई। पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार रात निचलौल तहसीलदार अमित कुमार सिंह की देखरेख में निचलौल थानाध्यक्ष योगेंद्र कुमार राय पुलिस टीम के साथ दो एंबुलेंस से चारों शवों को लेकर ठूठीबारी सीमा पर पहुंचे। यहां नेपाल प्रहरी के अधिकारियों के साथ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।

रात करीब साढ़े 10 बजे सीमा का मुख्य गेट खोला गया। इसके बाद निचलौल पुलिस ने चारों शव नेपाल प्रहरी के इंस्पेक्टर शुभ राज बम को सौंप दिए। अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि चारों शव को शासन के निर्देश के क्रम में नेपाल प्रशासन को सुपुर्द कर दिया गया हैं।

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