यूपी में नए सत्र में अब ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य, प्रवेश और पंजीकरण के साथ नई व्यवस्था लागू
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नए सत्र 2026-27 से उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति ...और पढ़ें

नए सत्र में अब ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य।

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जागरण संवाददाता, महराजगंज। माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत एक अप्रैल से हो चुकी है। नए सत्र के साथ ही परिषद ने व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए प्रवेश और पंजीकरण के साथ ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है।
अब कक्षा नौ से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति भी परिषद के पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।
बोर्ड की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है, कि विद्यालयों में कक्षा नौ से 12वीं तक का संचालन अनिवार्य रूप से किया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
निर्देशों की अनदेखी पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। जनपद में कुल 279 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 29 राजकीय, 39 वित्तपोषित तथा शेष वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इन सभी स्कूलों में नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अधिकारियों ने तैयारी तेज कर दी है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती प्रसाद के आदेश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शासन की गाइडलाइन के साथ आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
विद्यालयों में 75 फीसदी उपस्थिति होगी अनिवार्य
छात्रों को वार्षिक परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। पहले कई स्कूलों में उपस्थिति रजिस्टर में हेरफेर की शिकायतें मिलती थीं, लेकिन अब ऑनलाइन व्यवस्था से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों का पूरा विवरण उसी दिन पोर्टल पर दर्ज करना होगा, ताकि उनकी उपस्थिति तुरंत दर्ज हो सके। इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रधानाचार्य पोर्टल पर दर्ज करेंगे उपस्थिति
शासन ने अब शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को ऑनलाइन कर हाजिरी व्यवस्था का डिजिटलीकरण कर दिया है। इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल उपस्थिति व्यवस्था पारदर्शी बनेगी, बल्कि शिक्षण व्यवस्था की निगरानी और गुणवत्ता सुधार में भी यह मददगार सिद्ध होगी।
स्कूलों के प्रधानाचार्य प्रतिदिन ऑनलाइन पोर्टल पर सभी छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति भरेंगे। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से इसके लिए विशेष पोर्टल तैयार किया गया है।
इस व्यवस्था के तहत कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों की उपस्थिति शत-प्रतिशत ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों का पंजीकरण और पूरा विवरण उसी दिन परिषद के पोर्टल पर दर्ज किया जाए। इसके साथ ही शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति भी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। -प्रदीप कुमार शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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