गोवर्धन में कार्तिक मास की आहट, श्रद्धालुओं से फुल हुए गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं
राधाकुंड में कार्तिक नियम सेवा की शुरुआत से पहले ही भक्तिमय माहौल बन गया है, जहां देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु ...और पढ़ें

गोवर्धन में परिक्रमा देने निकले विदेशी श्रद्धालु।
संवाद सूत्र, गोवर्धन (मथुरा)। राधाकुंड की गलियों में राधे-राधे की गूंज है तो घाटों पर रंगोली और फूलों से सजावट की जा रही है। मंदिरों में भजन-कीर्तन की तैयारियां हैं और परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है। कार्तिक नियम सेवा शुरू होने से पहले ही राधाकुंड-श्यामकुंड में भक्ति का रंग गहराने लगा है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने यहां डेरा डाल लिया है।
गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं भर चुकी हैं। ठहरने की जगह नहीं मिलने पर कई तीर्थयात्री ब्रजवासियों के घरों में प्रवास कर रहे हैं। गुरुवार, 22 अक्टूबर से शुरू होने वाली एक माह की नियम सेवा में भक्त कुंड स्नान, परिक्रमा, जप और संकीर्तन के माध्यम से राधारानी की आराधना करेंगे।
बंगाल, ओडिशा, असोम, मणिपुर, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। विदेशी भक्त भी कार्तिक मास में राधाकुंड में रहकर साधना करेंगे। उनकी दिनचर्या भोर चार बजे मंदिरों में मंगला आरती के दर्शन से शुरू होगी। घंटे-घड़ियाल और झांझ-मंजीरों के बीच हरिनाम संकीर्तन होगा।
इसके बाद श्रद्धालु कुंड स्नान, परिक्रमा और भजन-साधना में समय बिताएंगे। शाम को मंदिरों में श्रीमद्भागवत कथा और संतों के प्रवचन होंगे। पंडित जगन्नाथ के अनुसार, कार्तिक मास में भजन, जप, तप और व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी आस्था से देश-विदेश के भक्त राधाकुंड पहुंचते हैं।
मंदिरों में भागवत कथा, कई जगह अखंड संकीर्तन
राधाकुंड और श्यामकुंड के आसपास स्थित राधा-कालाचांद मंदिर, महाप्रभुजी मंदिर, घाट वाले राधा-गोपीनाथ मंदिर, राधा-गोविंद देव मंदिर, जगन्नाथ देव मंदिर और भक्ति निवास सहित विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजन होंगे। कई मंदिरों में एक माह तक अखंड नाम संकीर्तन की तैयारी है। अधिवास कीर्तन के साथ नियम सेवा का शुभारंभ होगा।
फूलों और रंगोली से सज रहे घाट
कार्तिक नियम सेवा को लेकर परिक्रमा मार्ग और राधारानी के घाटों को सजाया जा रहा है। कहीं रंगोली बनाई जा रही है तो कहीं फूलों की कलियों से आकर्षक द्वार तैयार किए जा रहे हैं। राधावल्लभ ने बताया कि श्रद्धालु हर वर्ष परिक्रमा मार्ग की सजावट में सेवा देते हैं। इस बार भी भक्त पूरे उत्साह से जुटे हैं।
