अहोई अष्टमी पर निसंतान पति-पत्नी की आस पूरी, मथुरा के कुंड में विशेष स्नान को लेकर बड़ी मान्यता
अहोई अष्टमी पर राधाकुंड में डुबकी लगाने से निसंतान दंपत्तियों की कामना पूरी होने की सदियों पुरानी मान्यता है। इस ...और पढ़ें

राधाकुंड में मनोकामना पूरी होने के लिए पूजा करते दंपत्ति।
HighLights
लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और स्वच्छता के व्यापक इंतजाम।
20 गोताखोर, 40 सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी होगी।
संवाद सूत्र, गोवर्धन (मथुरा)। सदियों से ये मान्यता चली आ रही है निसंतान दंपत्तियों की कामना अहोई अष्टमी पर राधाकुंड में डुबकी लगाने पर पूरी होती है। मेडिकल साइंस इस बात का समर्थन नहीं करती लेकिन परंपराओं को मानते हुए अहाेई अष्टमी पर लाखों लोग इस कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना करने आते हैं। भीड़ को देखते हुए इस साल भी बंदोबस्त बड़े पैमाने पर किए जा रहे हैं।
अहोई अष्टमी पर संतान की मंगलकामना लेकर राधाकुंड पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तीर्थनगरी सज धजकर तैयार है। एक नवंबर को लगने वाले मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं के लिए नगर पंचायत प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
कुंड में सुरक्षा के लिए 20 गोताखोर मुस्तैद रहेंगे, जबकि 40 सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन से पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। रात में आकर्षक विद्युत सजावट मेले की भव्यता बढ़ाएगी।
नगर पंचायत अध्यक्ष रामफल मुंशी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राधाकुंड में दो नावों की व्यवस्था की गई है। कुंड के चारों ओर लकड़ी की बल्लियां लगाकर सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 20 कुशल गोताखोरों की टीम तैनात रहेगी।
मेला क्षेत्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन कैमरे और सार्वजनिक घोषणा प्रणाली (पीए सिस्टम) का इस्तेमाल किया जाएगा। श्रद्धालुओं की जानकारी और मेले का सीधा प्रसारण दिखाने के लिए पांच एलईडी टीवी तथा 30 होल्डिंग बाक्स भी लगाए जा रहे हैं।
पांच प्रवेश द्वार, पांच सेल्फी प्वाइंट
श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए मेला क्षेत्र में पांच भव्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। युवाओं और श्रद्धालुओं के लिए पांच सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किए जा रहे हैं। पेयजल के लिए 15 पानी के टैंकर और स्वच्छता के लिए 10 मोबाइल टायलेट उपलब्ध रहेंगे।
मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सफाई व्यवस्था के लिए नगर पंचायत के 70 नियमित कर्मचारियों के साथ 120 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी लगाए जाएंगे। वहीं, आवारा गोवंश से श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानी रोकने के लिए 20 लोगों की विशेष टीम तैनात की गई है।
