वैश्विक पटल पर मथुरा के लाल का कमाल, आयुष की अगुवाई में 50 देशों के युवाओं ने तैयार किया AI का वैश्विक चार्टर
मथुरा के आयुष गर्ग और 50 देशों के युवाओं ने मिलकर AI के उपयोग के लिए एक वैश्विक चार्टर तैयार ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
आयुष गर्ग ने 50 देशों के युवाओं संग AI चार्टर बनाया।
संयुक्त राष्ट्र 23 सितंबर को वैश्विक AI चार्टर जारी करेगा।
चार्टर मानव-केंद्रित AI, सुरक्षा, डिजिटल अधिकारों पर केंद्रित है।
जागरण संवाददाता, मथुरा। एआई भविष्य के लिए बेहतर होगा या विनाशकारी। इस बहस के बीच आयुष गर्ग ने कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के क्षेत्र में ऐसा काम किया है, जिसे संयुक्त राष्ट्र भी स्वीकृति देने जा रहा है। आयुष और 50 देशों के युवाओं के समूह ने एआई के उपयोग के लिए एक वैश्विक चार्टर बनाया है।
यह चार्टर उनकी टीम की ओर से बनाई गई एआई कोड आफ कंडक्ट रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें मानव-केंद्रित एआई, सुरक्षा और डिजिटल अधिकार जैसे विषयों को शामिल किया गया है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से यह चार्टर 23 सितंबर को जारी किया जाएगा।
मथुरा में जन्मे आयुष वर्तमान में जेनेवा में रह रहे हैं। आयुष की अगुवाई वाले समूह ने एआई के लिए कोड आफ कंडक्ट तैयार किया। विभिन्न क्षेत्रों में एआइ का प्रयोग कैसे, कब और क्यों किया जाए इस पर विशेषज्ञता रिपोर्ट बनाई। सितंबर 2024 में संरा मुख्यालय में एक समिट में आयुष ने ये कोड आफ कंडक्ट प्रस्तुत किया।
संरा के अंडर सेक्रेटरी जनरल और टेक्निकल हेड अमनदीप गिल ने कोड आफ कंडक्ट पूरी दुनिया के लिए जारी किया। जागरण से बातचीत में आयुष ने बताया कि ग्लोबल यूथ एआइ एडवाइजरी बाडी ने अब एआई के उपयोग के लिए संविधान (चार्टर) तैयार किया है। संरा इसे 23 सितंबर को जारी करेगा।
24 सितंबर को चीन और अमेरिका की शिखर बैठक की संभावना है। इसमें इस चार्टर पर चर्चा होने की तैयारी है। आयुष मद्रास विश्वविद्यालय से डिफेंस एंड स्ट्रेटिजिक स्टडीज में स्नातकोत्तर उपाधि के बाद लंदन स्कूल आफ इकोनोमिक्स से पालिटिक्स एंड इंटरनेशनल रिलेशंस में स्नातक उपाधि छात्रवृत्ति के साथ प्राप्त की।
उन्होंने यूनेस्को और यूनिवर्सिटी आफ आक्सफोर्ड के एआइ जस्टिस एंड द रूल आफ ला कार्यक्रम सहित एआइ एथिक्स, रेस्पोंसबल इनोवेशन, संवाद, मध्यस्थता, कानून और सार्वजनिक नीति से जुड़े विशेष प्रशिक्षण पूरे किए हैं। दिल्ली में दिल्ली स्कूल आफ आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस की स्थापना के साथ ही आयुष ने पूरा फोकस एआई पर किया।
इसके लिए ग्लोबल यूथ एआई एडवाइजरी बाडी नाम समूह का गठन किया। इस वैश्विक समूह से 50 देशों के युवा एआइ पेशेवर जुड़े हैं। ये समूह मानव-केंद्रित एआई, सुरक्षा, शासन और डिजिटल अधिकारों से जुड़े विषयों पर शोध करता है।
