Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    संत प्रेमानंद के दर्शन नहीं कर पाएंगे सभी भक्त, मिलेगा केवल दीक्षित शिष्यों को ही अवसर; राज्यों के हिसाब से दिन तय

    By Vipin Parashar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Fri, 17 Jul 2026 08:03 PM (IST)

    संत प्रेमानंद गुरु पूर्णिमा पर केवल अपने दीक्षित शिष्यों को वृंदावन के यमुना कुंज आश्रम में दर्शन देंगे। दर्शन के लिए 23 से 29 जुलाई तक विभिन्न राज्यो ...और पढ़ें

    संत प्रेमानंद।

    संत प्रेमानंद।

    संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। संत प्रेमानंद इन दिनों एकांतवास पर यमुना किनारे खादर में बसी यमुना कुंज कुटिया में साधना कर रहे हैं। लेकिन, गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु के प्रति आस्था समर्पित करने को उनके दीक्षित शिष्य वृंदावन पहुंचेंगे।

    ऐसे में श्रीराधा केलिकुंज आश्रम ने गुरुपूर्णिमा महोत्सव पर देश-विदेश के शिष्यों को यमुना पार खादर में बसी यमुना कुंज आश्रम पहुंचने को गाइड लाइन जारी करने के साथ केवल दीक्षित शिष्यों को ही संत प्रेमानंद के दर्शन की अनुमति प्रदान की है।

    श्रीराधा केलिकुंज आश्रम द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार गुरुपूर्णिमा महोत्सव पर संत प्रेमानंद यमुना पार खादर में बसे यमुना कुंज आश्रम में ही अपने दीक्षित शिष्यों को दर्शन देंगे। इसके लिए देश-विदेश के शिष्यों को अलग-अलग तिथि प्रदान की गई है। यमुना पार यमुना कुंज आश्रम पहुंचने के लिए जारी गाइडलाइन के अनुसार आश्रम के शिष्य अथवा सेवादारों की सहायता ले सकते हैं

    इसके अलावा मांट जाने वाले पुल से होकर कच्चे रास्ते से आश्रम का रूट बनाया गया है, यहां से सीधे दीक्षित संत यमुना कुंज आश्रम पहुंच सकते हैं। आश्रम ने जारी गाइड लाइन में कहा है कि यमुना कुंज आश्रम पहुंचने का कोई साधन नहीं है, ऐसे में श्रद्धालु निजी वाहनों से भी आश्रम पहुंच सकते हैं। कच्चे मार्ग पर शिष्यों ने गिट्टी, कंकड़ व मिट्टी डाल दी है, जो कि सीधे आश्रम तक शिष्यों को पहुंचाएगी।

    खबरें और भी

    सभी दीक्षित शिष्यों को सुबह साढ़े तीन बजे तक ही आश्रम पहुंचना होगा। इसके अलावा जो भक्त संत प्रेमानंद के दीक्षित शिष्य नहीं हैं, उन्हें आश्रम में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी, बाहर ही रोक दिया जाएगा।

    राज्यों के हिसाब से दर्शन को यह दिन तय

    23 से 29 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह साढ़े चार से साढ़े पांच बजे तक दर्शन देंगे। दीक्षित शिष्यों के लिए प्रांत के हिसाब से दिन निर्धारित किए हैं। इनमें 23 जुलाई को विदेशी भक्तों के साथ हरियाणा, कर्नाटक के शिष्य दर्शन करेंगे

    24 को गुजरात, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, आंध्र, केरल और दिल्ली के शिष्य, 25 को पंजाब, मध्य प्रदेश, झारखंड के शिष्य, 26 को उत्तर प्रदेश एवं ब्रजमंडल के शिष्य, 27 को राजस्थान, हिमाचल, असोम, महाराष्ट्र, तेलंगाना के शिष्य, 28 को स्थानीय शिष्य, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, तमिलनाडु, गोवा के शिष्य के अलावा 29 जुलाई को आश्रम से जुड़े विरक्त शिष्य संत प्रेमानंद के दर्शन कर गुरु पूजन करेंगे।