प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत का मामला: हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखा गया पत्र, एसआईटी जांच की मांग
संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मृत्यु को स्वजन आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ...और पढ़ें

HighLights
संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मृत्यु का मामला।
स्वजन ने आत्महत्या मानने से इनकार किया, साजिश की आशंका जताई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से मामले की एसआईटी जांच की मांग की गई।
संवाद सूत्र, वृंदावन। संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मृत्यु के मामले की एसआइटी जांच की मांग की गई है। इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। मध्य प्रदेश जबलपुर के नर्मदा बस्ती फरहदुली निवासी दीपक लोढ़ा दो वर्ष पहले वृंदावन आए और यहां संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर अपना नाम बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया था।
शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे उन्होंने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पूर्व उन्होंने कमरे में ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटा। उनकी मृत्यु को उनके स्वजन ने आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया है।
सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले की एसआइटी जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि रसिक दुलारी शरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर सात स्थानों पर चोटें पाई गई हैं। उनके गुप्तांग कटे थे।
अधिक रक्तस्राव ही मृत्यु का कारण बताया गया है। उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद और श्रीहित राधाकेलि कुंज ट्रस्ट की ओर से अब तक किसी भी व्यक्ति का बयान इस मामले में नहीं आया है, जो संदेहास्पद है। स्वजन ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए पुलिस को शिकायत दी है और बड़ी साजिश की आशंका जताई है।
