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किस्से वही, चेहरे पुराने… यादों में फिर लौटा इलाहाबाद विश्वविद्यालय, CCSU में जुटे पुरातन छात्र

By Sarvendra Pundir Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 26 Oct 2026 01:03 PM (IST)

Allahabad University Alumni Meet: मेरठ में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों का वार्षिक समारोह आयोजित हुआ, जहां उन्होंने पुरानी यादें ताजा कीं और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

सीसीएसयू परिसर के अटल सभागार में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों को सम्मानित करते अतिथि l सौ. सीसीएसयू

सीसीएसयू परिसर के अटल सभागार में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों को सम्मानित करते अतिथि l सौ. सीसीएसयू

HighLights

  1. इलाहाबाद विश्वविद्यालय पुरातन छात्र संघ के वार्षिक समारोह में दिखा अतीत और वर्तमान का संगम।

  2. संगठन को मजबूत करने का संकल्प, वरिष्ठ छात्रों का सम्मान, 'प्रयागपति' पत्रिका का विमोचन।

जागरण संवाददाता, मेरठ। कोई अपने पुराने दोस्तों को याद कर भावुक हुआ तो किसी की जुबां पर विश्वविद्यालय के दिनों के किस्से आ गए। शिक्षकों की सीख, दोस्तों की शरारतें और विद्यार्थी जीवन के अनमोल पल...।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में रविवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र मिले तो मानो उम्र का फासला सिमट गया। हर चेहरा पुरानी यादों में खोया नजर आया और अतीत व वर्तमान का संगम होता दिखा।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय पुरातन छात्र संघ (OCA) के वार्षिक समारोह में पूर्व विद्यार्थियों ने न केवल अपने सुनहरे दिनों को फिर से जिया, बल्कि संगठन को मजबूत बनाने और नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करने का संकल्प भी लिया।

इस मौके पर वरिष्ठ पुरातन छात्रों का सम्मानित किया गया और संगठन की वार्षिक पत्रिका ‘प्रयागपति’ 2026-27 का विमोचन भी हुआ। इसमें संगठन की गतिविधियों, पुरातन छात्रों के संस्मरणों और विचारों को शामिल किया गया है।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए डाॅ. आरसी गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय से मिली शिक्षा, संस्कार और अनुभव जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। पुरातन छात्रों को अपने अनुभव नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी योगदान देना चाहिए।

ओएसए अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने संगठन की सदस्यता बढ़ाने और अधिकाधिक पूर्व विद्यार्थियों को इससे जोड़ने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि उज्जैन के जिला न्यायाधीश पीसी गुप्ता तथा ग्वालियर के जिला न्यायाधीश राकेश गुप्ता और शकीलुर्रहमान रहे।

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उन्होंने शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। कहा कि किसी विश्वविद्यालय की पहचान उसके विद्यार्थियों की उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान से बनती है।

ओएसए के महासचिव प्रो. अशोक कुमार चौबे ने संगठन की गतिविधियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सदस्यों से संगठन को मजबूत बनाने में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में मेरठ के आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार सिंह और मेरठ मंडल के अपर आयुक्त अशोक गौतम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आयोजन से जुड़े स्वयंसेवकों, तकनीकी टीम, सहयोगी कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक छायाचित्र के साथ समारोह संपन्न हुआ।

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सम्मानित हुए वरिष्ठ पुरातन छात्र

समारोह में 1962 बैच के आरके भटनागर और 1971 बैच के एपी चौधरी को शाल ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। शायर डा. पापुलर मेरठी को भी साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ सदस्यों के अनुभवों और विश्वविद्यालय से उनके आत्मीय जुड़ाव को सराहा गया।

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