साकिब ने दिया था टास्क, अरबाब को 25 युवक अपने साथ जोड़ने थे; पाक हैंडलर के इशारे पर हो रहा था काम
पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर काम करने वाले साकिब उर्फ डेविल ने अरबाब को 25 युवकों को प्रशिक्षित करने का जिम्मा सौंपा था। साकिब, जो हैदराबाद में सैलून ...और पढ़ें

मवाना के अगवानपुर में गिरफ्तार आतंकी अरबाब का पिता रहीसुद्दीन चारपाई पर बैठा हुआ व मौजूद अन्य लोग। जागरण
जागरण संवाददाता, मेरठ। पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर काम करने वाले मास्टरमाइंड साकिब उर्फ डेविल ने अरबाब को 25 युवकों को साथ जोड़कर उन्हें प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। तब से अरबाब गांव और रिश्तेदारी में युवकों से संपर्क कर रहा था। साकिब सैलून पर काम करता है, जबकि अरबाब वेल्डिंग की दुकान करता है। दोनों ही काफी दिन से गांव से बाहर हैं। दोनों के स्वजन लखनऊ गए हैं।
छह महीने पहले पुलिस ने साकिब को गांव बुलवाया था, तब उसके मोबाइल से हथियारों के फोटो भी मिले थे। एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि साकिब परीक्षितगढ़ के गांव अगवानपुर का मूल निवासी है। वह सात साल पहले हैदराबाद चला गया था। वहां पर एक सैलून पर काम कर रहा था। इसका साथी गांव का ही अरबाब चार साल पहले गुरुग्राम चला गया था। वहां पर वेल्डिंग का काम कर रहा था।
साकिब 2019 में मेरठ आया था। तभी उसके खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट का मुकदमा परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज हुआ था। तब पुलिस ने शाकिब को जेल भेज दिया था। जमानत के बाद ही वह हैदराबाद गया था। वहीं पर वह पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया था। हाल में साकिब ने अरबाब को 25 युवक तैयार करने का लक्ष्य दिया था। माना जा रहा है कि साकिब अन्य युवकों को अपने साथ जोड़कर पूरे एनसीआर और यूपी की जानकारी एकत्र करना चाहता था।
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