कर्तव्य के आगे चोट भी हारी: मुरादाबाद के बीएलओ ओमवीर ने पूरी की शत-प्रतिशत SIR फीडिंग
मुरादाबाद के बीएलओ ओमवीर ने पैर में चोट लगने के बावजूद शत-प्रतिशत एसआईआर फीडिंग का कार्य पूरा किया। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की है। शारीरिक परेशानी को दरकिनार करते हुए, ओमवीर ने लगन और मेहनत से अपना लक्ष्य हासिल किया। उनके इस समर्पण की सराहना की जा रही है, और यह अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक है।
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प्रतीकात्मक चित्र
अनुज मिश्र, जागरण, मुरादाबाद। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान को लेकर बीएलओ के उत्पीड़न, खुदकुशी करने जैसे मामलों के बीच मुरादाबाद के एक बीएलओ ने जीवटता प्रदर्शित की है। हाथ में लगी चोट दरकिनार कर बीएलओ ओमवीर सिंह ने एसआइआर को प्राथमिकता दी और सौ प्रतिशत फार्म भराने वाले जिले के पहले बीएलओ बन गए। उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय, सरदारनगर बूथ की जिम्मेदारी दी गई थी, जहां 751 मतदाता पंजीकृत हैं।
बीएलओ की जिम्मेदारी मिलने पर ओमवीर ने आठ नवंबर से गणना-पत्र बांटे और 25 नवंबर तक उसे वापस लेकर आनलाइन फीडिंग भी करा दी। 17 नवंबर को कोहनी पर चोट के चलते उनका हाथ सूज गया था, पर उन्होंने छुट्टी नहीं ली। एक दिन भी एसआइआर का काम नहीं रोका। जिला निर्वाचन अधिकारी अनुज सिंह ने कहा कि यह दूसरों के लिए सीख है।
मूलरूप से सरकड़ा खास स्थित रामपुर भीला गांव के निवासी ओमवीर सिंह साल 2021 में शिक्षक बने। भगतपुर टांडा ब्लाक के प्राथिमक विद्यालय चूहानगला में उन्हें तैनाती मिली। एसआइआर का कार्य शुरू होने पर उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय सरदारनगर का बीएलओ नियुक्त किया गया। भाग संख्या-179 वाले बूथ पर कुल 751 मतदाता हैं।
ओमवीर बताते हैं कि आठ नवंबर से घर-घर पहुंचकर गणना पत्र बांटना शुरू किया। चार दिन में सभी गणना पत्र बांट दिये। फिर फार्म भराकर जमा करने शुरू किये। इस बीच 17 नवंबर को घर पर नहाते वक्त चोट लग गई। पूरे हाथ में सूजन आ गई। असहनीय पीड़ा से काम करना मुश्किल था। फिर भी चाेट को दरकिनारे कर एसआइआर का काम जारी रखा।
20 नवंबर तक सभी फार्म जमा करा लिये। फिर फीडिंग का काम शुरू किया। 25 नवंबर तक सारे फार्मों की आनलाइन फीडिंग कर वह जिले के पहले ऐसे बीएलओ बन गए जिन्होंने सौ फीसद काम पूरा कर लिया। ओमवीर के इस प्रयास की जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम अनुज सिंह ने भी सराहना की। कहा कि ओमवीर सभी के लिए नजीर हैं। उनसे सभी को सीख लेनी चाहिए।
इधर, ओमवीर ने बताया कि कोई काम मुश्किल नहीं है। सरकारी सेवा में हूं। लिहाजा जो जिम्मेदारी मिलती है। उसे पूरा करना ही है। ऐसे में पूरे मनोयोग से काम करता हूं। उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। सौ फीसद एसआइआर का काम भी इसी का परिणाम है। उत्पीड़न, अपरिहार्य स्थिति के बाद भी छुट्टी ना मिलने जैसे सवालों पर कहा कि ऐसा नहीं है।

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