यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले EVM और VVPAT की विश्वसनीयता जांच, बेंगलुरु के इंजीनियर करेंगे पड़ताल
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत मुरादाबाद में 17 सितंबर से ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
मुरादाबाद में 17 सितंबर से ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी शुरू।
बेंगलुरु के तकनीकी इंजीनियर करेंगे मशीनों की जांच।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी प्रक्रिया का अवलोकन करेंगे।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के बीच जिले में ईवीएम और वीवीपैट की विश्वसनीयता परखी जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) 17 सितंबर से शुरू होगी। इस दौरान मशीनों की कार्यशीलता से लेकर तकनीकी स्थिति तक का निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षण किया जाएगा।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने बताया कि एफएलसी के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में बने ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस संख्या-2 को केंद्र बनाया गया है। जांच का जिम्मा वीवीपैट, बेंगलुरु के तकनीकी इंजीनियरों का होगा। पूरी प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी।
बेंगलुरु के इंजीनियर करेंगे मशीनों की पड़ताल
डीएम ने बताया कि जिले में उपलब्ध 3972 कंट्रोल यूनिट, 3972 बैलेट यूनिट और 3972 वीवीपैट की एक-एक करके प्रथम स्तरीय जांच होगी। एफएलसी के दौरान यह देखा जाएगा कि मशीनें निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप काम कर रही हैं या नहीं। जांच में सामने आने वाली तकनीकी स्थिति को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जाएगा।
निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में चलेगा अभियान
एफएलसी की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाएगी। प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्यीय राजनीतिक दलों को अपने प्रतिनिधि अधिकृत कर एफएलसी का अवलोकन करने के लिए सूचित किया गया है। इससे चुनाव से पहले ईवीएम की तकनीकी जांच पूरी तरह निगरानी के दायरे में रहेगी। प्रथम स्तरीय जांच के लिए तेलंगाना के एक आईएएस अफसर को नोडल बनाया गया है।
