NH-9 और DME के ऊपर से गुजरेगा डबलडेकर फ्लाईओवर, खर्च होंगे 2000 करोड़; लाखों लोगों को जाम से मिलेगी राहत
नोएडा में 2000 करोड़ की लागत से 1200 मीटर लंबा 12 लेन का डबलडेकर फ्लाईओवर बनेगा, जिससे प्रतिदिन 3 लाख लोगों को जाम से राहत मिलेगी। यह फ्लाईओवर NH-9 और DME के ऊपर से गुजरेगा।
-1787804661343_m.webp)
नोएडा में 1200 मीटर लंबा 12 लेन का डबलडेकर फ्लाईओवर बनेगा। AI जनरेटेड
HighLights
छिजारसी पर 1200 मीटर लंबा 12 लेन का फ्लाईओवर बनेगा।
2000 करोड़ की लागत से डबलडेकर फ्लाईओवर का निर्माण।
तीन लाख लोगों को प्रतिदिन यातायात जाम से मिलेगी राहत।
कुंदन तिवारी, नोएडा। फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) स्थित छिजारसी पर तीन लाख लोगों को प्रतिदिन यातायात जाम से निजात दिलाने को 1200 मीटर लंबा 12 लेन (छह-छह लेन के दो) का डबलडेकर फ्लाईओवर बनेगा।
प्राधिकरण ने इस परियोजना का तकनीकी परीक्षण पूरा करा लिया है। दो हजार करोड़ की लागत से बनने वाला फ्लाईओवर छिजारसी चौक के आगे से शुरू होकर इंदिरापुरम स्थित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) ग्राउंड के पास समाप्त होगा। इसे एनएच-नौ समेत डीएमई के ऊपर से गुजारा जाएगा।
लोगों ने कर लिया अवैध निर्माण
इसके लिए प्राधिकरण के अधिकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से एनओसी लेंगे। वर्तमान में छिजारसी के दोनों ओर अतिक्रमण की समस्या है। एक ओर गांव की आबादी बढ़कर एफएनजी की सड़क तक पहुंच चुकी है, दूसरी ओर हरनंदी डूब क्षेत्र में तटबंध तक कब्जा कर लोगों ने अवैध निर्माण कर लिया है।
फ्लाईओवर के तीन प्रस्ताव तैयार हो चुके
वहीं, इनमें अस्पताल, होटल, व्यापारिक प्रतिष्ठान व अन्य बहुमंजिला इमारतें शामिल हैं, जिन्हें तोड़ना संभव नहीं है। इससे छिजारसी पर 640 मीटर सड़क का चौड़ीकरण व फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता भी साफ नहीं हो रहा है। इस मार्ग से रोज गुजरने वाले करीब तीन लाख लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए प्राधिकरण प्रयासरत है। अब तक फ्लाईओवर के तीन प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं।

पहला प्रस्ताव वर्ष 2013 में तैयार हुआ था। इसमें छिजारसी चौक से NH-9 पर 640 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की योजना थी। फ्लाईओवर को एनएच-24 के पार इंदिरापुरम सड़क तक सीआइएसएफ ग्राउंड के पास उतारना था।
फ्लाईओवर बनाने का निर्णय हुआ
गाजियाबाद प्राधिकरण से नोएडा प्राधिकरण को एनओसी मिल चुकी थी, पर एनएचएआई से एनओसी नहीं मिलने से परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी। वर्ष 2015 में एनएच का चौड़ीकरण शुरू हुआ व परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। पिछले दो वर्षों से इस मार्ग पर फिर से कवायद शुरू हुई। इसमें छिजारसी पर फ्लाईओवर बनाने का निर्णय हुआ।
इस बार एफएनजी पर सेक्टर-63ए से सेक्टर-63 की ग्रीन बेल्ट और एनएच-नौ अंडरपास को एसजेएम अस्पताल के पास से जोड़ने के लिए 900 मीटर लंबा चार लेन का फ्लाईओवर बनाने का तकनीकी परीक्षण कराया गया।
वहीं, इसकी सफलता पर सवाल उठने लगे, क्योंकि यह फ्लाईओवर आठ लेन वाले एफएनजी व 18 लेन वाले डीएमई समेत एनएच-नौ से जुड़ेगा। चार लेन का फ्लाईओवर यातायात जाम की समस्या का समाधान नहीं कर सकेगा।
प्राधिकरण के सीईओ ने सिविल विभाग से कहा कि यदि अतिक्रमण से फ्लाईओवर बनाने में दिक्कत आ रही है, तो डबलडेकर फ्लाईओवर की संभावना तलाशी जाए। इसके बाद रूट का तकनीकी सर्वे कराया गया।
डबलडेकर फ्लाईओवर बनाने से छिजारसी के दोनों ओर अतिक्रमण तोड़ना नहीं पड़ेगा और नीचे का यातायात पूरी तरह से वैसे ही रहेगा। इससे परियोजना को शुरू करने में कानूनी अड़चन नहीं आएगी। नीचे की सड़क की 1.5 मीटर चौड़ाई बढ़ाने, 0.5 मीटर का फुटपाथ बनाने, सड़क किनारे नाला-नाली बनाने व सड़क की रिसर्फेसिंग के लिए चार करोड़ का बजट उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग गाजियाबाद खंड को प्राधिकरण जारी कर चुका है। - एसपी सिंह, महाप्रबंधक (सिविल), नोएडा प्राधिकरण
यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा के किसानों के लिए खुशखबरी, जमीन मुआवजे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की तैयारी; जल्द होगा एलान
यह भी पढ़ें- नोएडा में 45000 उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, निर्बाध विद्युत आपूर्ति शुरू; फॉल्ट पर भी नहीं होगी गुल
