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बीटेक पास चपरासी ने किया करोड़ाें का खेल, पासवर्ड चुराकर FD साफ की; ग्रेटर नोएडा PNB स्कैम में बड़ा खुलासा

Published: Tue, 03 Nov 2026 11:21 PM (IST)

पंजाब नेशनल बैंक की ऐच्छर शाखा में करोड़ों रुपये के हेरफेर का मामला सामने आया है, जिसमें बीटेक डिग्रीधारक दीपांशी ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा पीएनबी बैंक में चपरासी ने लगाया करोड़ा का चूना। फोटो: एआई जनरेटेड

ग्रेटर नोएडा पीएनबी बैंक में चपरासी ने लगाया करोड़ा का चूना। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. बीटेक डिग्रीधारी चपरासी दीपांशी मुख्य आरोपी।

  2. मैनेजर के पासवर्ड चुराकर करोड़ों का हेरफेर।

  3. कम पढ़े-लिखे खाताधारकों के खातों से निकाली रकम।

गजेंद्र पांडेय, ग्रेटर नोएडा। पंजाब नेशनल बैंक की ऐच्छर शाखा के खाताधारकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले प्यून पद पर तैनात दीपांशी बीटेक डिग्री धारक है।

धनराशि हेरफेर में शामिल सात आरोपियों में से चार लोग दीपांशी के गांव साकीपुर के ही रहने वाले हैं। फिलहाल बैंक प्रबंधन की तरफ से सीबीआई को जांच सौंपी गई है। व

हीं पीड़ित खाताधारकों की शिकायत पर बीटा दो कोतवाली पुलिस ने भी अज्ञात बैंक कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस भी अपनी जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

अब पीएनबी प्रबंधन को नोटिस जारी कर घटनाक्रम से जुड़े तथ्य मांगने की तैयारी है।

बीटेक डिग्रीधारक है प्यून पद पर तैनात दीपांशी

बता दें कि बीटा दो कोतवाली अंतर्गत ऐच्छर गांव में संचालित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में 23 अक्टूबर को बड़ी संख्या में खाताधारकों की रकम हेरफेर करने का प्रकरण सामने आया था।

प्रबंधन ने तत्कालीन बैंक मैनेजर समेत छह कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी थी। इसमें प्रमुख आरोपी साकीपुर गांव निवासी दीपांशी को बनाया था।

सूत्रों के अनुसार बैंक रिकॉर्ड में दीपांशी की तैनाती प्यून पद पर थी। प्यून पद पर रहते कोई खाताधारकों की धनराशि हेरफेर कर अन्य खातों में कैसे ट्रांसफर कर सकता है, इस बिंदु की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।

पता चला कि दीपांशी बीटेक डिग्रीधारक है। वह काफी तेज थी, इसी के चलते मैनेजर समेत अन्य की यूजर आईडी व पासवर्ड एक नजर में याद कर लिए।

कम पढ़े-लिखे खाताधारकों को बनाया निशाना

साथ ही ऐसे खाताधारकों को निशाना बनाया जिनको जमीन अधिग्रहण का मुआवजा मिला था साथ ही वह कम पढ़े-लिखे थे। ऐसे लोगों के खातों से ही रकम हेरफेर करती रही।

सभी को अपना पर्सनल नंबर भी दे रखा था, ऐसे में जब भी वह लोग बैंक आने की बात करते थे। पहले से ही बाहर आकर कोई न कोई बहाना बनाकर बाहर से ही टरका देती थी।

गांव के लोगों के खातों का किया इस्तेमाल

वहीं हेरफेर की रकम ट्रांसफर करने के बाद भी किसी को भनक नहीं लगे। इसके लिए अपने गांव के चार लोगों के खातों का प्रयोग करती थी, जिन पांच खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

उनमें से दीपांशी के अलावा प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी और शांती देवी साकीपुर गांव के ही रहने वाले हैं, जबकि अन्य आरोपी खाताधारक आशुतोष पाठक और सरोज देवी ऐच्छर गांव के रहने वाले हैं।

यह दोनों भी दीपांशी के पूर्व परिचित व करीबी हैं। एक अन्य आरोपी शालिनी मंडी श्याम नगर की रहने वाली है। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बता सकेंगे।

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